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ट्रंप के टैरिफ एक्शन को चीन की चुनौती, अमेरिकी व्यापार नीतियों की शुरू कर दी जांच

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिका की जांच चीनी और अन्य देशों की औद्योगिक क्षमता और सरकारी सब्सिडी पर केंद्रित है, जो अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुंचा सकती है। दूसरी जांच कई देशों में जबरन श्रम से बने सामानों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में है।

डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ एक्शन के जवाब में चीन ने अमेरिकी व्यापार नीतियों की जांच शुरू कर दी है। चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को दो अलग-अलग जांच शुरू की हैं। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से इस महीने कई देशों के खिलाफ शुरू की गई जांचों के जवाब में उठाया गया है। चीन ने साफ कहा है कि यह जांच अपने संबंधित उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए की जा रही है। एक जांच अमेरिकी नीतियों पर केंद्रित है जो चीनी सामानों को अमेरिका में जाने से रोकती है और US से चीन को मॉडर्न टेक्निकल प्रोडक्ट्स के निर्यात को सीमित करती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी जांच चीनी हरित ऊर्जा उत्पादों के निर्यात पर लगाए गए बाधाओं पर फोकस करेगी। यह जांच 6 महीने में पूरी होने की उम्मीद है और जरूरत पड़ने पर तीन महीने और बढ़ाई जा सकती है। ताजा कदम लंबे समय से चल रहे व्यापार युद्ध का नया मोड़ है। चीन इसे अमेरिका के संभावित नए टैरिफ के खिलाफ सौदेबाजी का हथियार मान रहा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के कुछ पुराने टैरिफ को रद्द कर दिया था, जिसके जवाब में ट्रंप ने सेक्शन 301 व्यापार जांच शुरू की। इनमें से एक जांच 16 व्यापारिक साझेदारों पर है, जिसमें यूरोपीय संघ भी शामिल है।

आखिर क्या है पूरा विवाद

अमेरिका की जांच चीनी और अन्य देशों की औद्योगिक क्षमता और सरकारी सब्सिडी पर केंद्रित है, जो अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुंचा सकती है। दूसरी जांच कई देशों में जबरन श्रम से बने सामानों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में है। चीन का मानना है कि अमेरिकी जांचें दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में हासिल की गई स्थिरता को खतरे में डाल सकती हैं। पेरिस में हाल ही में हुई अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में चीन के व्यापार प्रतिनिधि ने चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जांचें दोनों देशों के बीच कड़ी मेहनत से हासिल की गई आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं।

हालिया चर्चाएं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बीजिंग यात्रा की तैयारी के लिए की गई थीं, जो अगले सप्ताह होने वाली थी। लेकिन ईरान में चल रहे युद्ध के कारण ट्रंप ने अपनी यात्रा को टाल दिया है। चीन अब इन जांचों को ट्रंप की मई में प्रस्तावित यात्रा से पहले मजबूत स्थिति बनाने के लिए इस्तेमाल करना चाहता है। दोनों देशों के बीच व्यापार संबंध हमेशा से तनावपूर्ण रहे हैं। यह नया कदम टैरिफ व प्रतिबंधों को और बढ़ा सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN