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4 तरह के ब्रेकफास्ट से मां को रखें दूर, फिटनेस एक्सपर्ट ने किया शेयर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

4 Breakfast Avoid Women After 50s: 50 की उम्र के बाद अगर आपकी मां सुस्ती और ब्लोटिंग से परेशान रहती हैं। शरीर में थायराइड, शुगर बढ़ रहा तो हर दिन उनके मॉर्निंग हैबिट में ये बदलाव करें। साथ ही इन 4 ब्रेकफास्ट को पूरी तरह से अवॉएड करें। जानें क्या हैं…

महिलाओं के लिए फिटनेस चैलेंज की तरह होता है। जिसमे वर्कआउट के साथ सही खानपान का बैलेंस होना जरूरी है। खासतौर पर जब महिलाएं 45-50 की एज पर पहुंचती हैं। तो हार्मोंस में होने वाले उतार-चढ़ाव उन्हें कई बीमारियों का शिकार बना सकते हैं। ऐसे में सही खानपान और एक्टिव लाइफस्टाइल हेल्दी रहने में मदद करती है। फिटनेस एक्सपर्ट मानव ने अपने इंस्टाग्राम पेज गेटफिटविदमानव पर 50 साल के ऊपर वाली महिलाओं के लिए ये 4 तरह के ब्रेकफास्ट अवॉएड करने की सलाह दी है।

आखिर क्यों सही ब्रेकफास्ट की जरूरत 50 के बाद होती है

– 50 के बाद महिलाओं में डाइजेस्टिव सिस्टम नेचुरली काफी स्लो हो जाता है।

– जो सुबह का खाना वो 30 की उम्र में आसानी से पचा लेती थीं, वहीं अब उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है।

– खानपान की ये छोटी सी आदत शरीर में एसिडिटी, थायराइड और डायबिटीज की समस्या को बढ़ाती है।

– हर रोज 50 के ऊपर वाली महिलाओं के शरीर में एनर्जी बनी रहे इसके लिए उनके ब्रेकफास्ट को सही करना सबसे फास्ट तरीका है।

किन 4 ब्रेकफास्ट फूड्स को अवॉएड करना है

सुबह ठंडे, कच्चे ब्रेकफास्ट को अवॉएड करें

ब्रेकफास्ट में कच्चे स्प्राउट्स, फल जैसे ठंडे और कच्चे फूड को अवॉएड करें। ये ठंडे फूड वेकिंग डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए शॉक का काम करते हैं। 50 की उम्र के बाद गट को डाइजेस्टिव फायर स्टार्ट करने और प्रॉपर फंक्शन के लिए गर्म और हल्के फूड की जरूरत होती है। सुबह ठंडे और कच्चे फूड से ब्लोटिंग और लूज मोशन का डर रहता है। इसलिए मॉर्निंग में गर्म चीला या हल्के पके सेब को दें। वार्म, कुक फूड बॉडी में आसानी से ब्रेकडाउन होते हैं और अब्जॉर्ब हो जाते हैं।

रिफाइंड कार्ब्स को पूरा अवॉएड करें

ब्रेड, सूजी, इंस्टेंट ओट्स जैसे फूड ब्लड शुगर को स्पाइक करते हैं। जिससे 12 बजते बजते एनर्जी क्रैश हो जाती है और महिलाओं को थकान की फीलिंग होती है। धीरे-धीरे ये आदत इंसुलिन रेजिस्टेंस को खराब करती है और हार्मोनल इंबैलेंस बढ़ाती है। मैदा और व्हाइट ब्रेड की बजाय ज्वार या बाजरा की रोटी खाएं। दलिया में सब्जियां, मूंगफली डालकर खाएं। जिससे धीरे-धीरे शरीर को एनर्जी मिले।

पराठे और दही

काफी सारे घरों में हैवी पराठा और दही का कॉम्बो ब्रेकफास्ट में मिल जाता है। लेकिन 50 के ऊपर की महिलाओं के लिए स्टफ्ड पराठा और ठंडी, गाढ़ी दही गैस बनाती है। जिससे इस उम्र में डाइजेस्टिव सिस्टम और भी ज्यादा स्लो हो जाता है। वहीं हर दिन पराठे की वजह से फैटी लिवर और ब्लोटिंग का रिस्क बना रहता है।

खाली चाय और बिस्कुट की आदत

आज भी 70 प्रतिशत घरों में दिन की शुरुआत चाय और बिस्कुट के साथ होती है। खाली पेट चाय एसिड क्रिएट करती है जिससे गट लाइनिंग डैमेज होती है। वहीं चाय में मौजूद टैनिन आयरन अब्जार्ब्शन को रोकता है।

क्या है उपाय

फिटनेस एक्सपर्ट ने महिलाओं के लिए ये 3 मॉर्निंग रूटीन शिफ्ट शेयर किया है

1- हर दिन उनके सुबह के खाने का टाइम फिक्स करें। 7-8 के बीच खा लेना बेहतर होगा।

2- पोर्शन कंट्रोल करें, जिससे पेट ओवरलोड ना हो जाए।

3- साथ ही डाइजेस्टिव स्ट्रेंथ बढ़ाने के लिए एक छोटा कप हल्दी दूध का पीने को दें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN