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ईरान के साथ चुपचाप बड़ा खेल कर रहा चीन, अमेरिकी दावे से मची हलचल; जंग के बीच ऐसा क्या

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिका का कहना है कि चीन ने चुपचाप ही इस जंग में बड़ा दखल दिया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी का कहना है कि चीन की सबसे बड़ी चिप मेकिंग कंपनी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इंटरनेशनल कॉरपोरेशन ने ईरान की सेना को चिपमेकिंग टूल मुहैया कराए हैं। इसके बाद अब चीन के रुख पर सवाल उठ रहे हैं।

ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के बीच चीन उन महाशक्तियों में से एक हैं, जिन्होंने चुप्पी साध रखी है। चीन का हाल ही में एक बयान आया था कि अब जंग समाप्त करनी चाहिए और वार्ता से हल निकालना चाहिए। लेकिन चीन की यह चु्प्पी और सधी हुई रणनीति जो नजर आ रही है, वही पूरा सच नहीं है। चीन ने चुपचाप ही इस जंग में बड़ा दखल दिया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी का कहना है कि चीन की सबसे बड़ी चिप मेकिंग कंपनी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इंटरनेशनल कॉरपोरेशन ने ईरान की सेना को चिपमेकिंग टूल मुहैया कराए हैं। इसके बाद अब चीन के रुख पर सवाल उठ रहे हैं।

एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हमारे देश ने चीन की इस कंपनी SMIC पर काफी पाबंदियां लगाई हैं। ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि इस कंपनी के चीनी सेना से संबंध पाए जाते हैं। इसके बाद इस कंपनी ने एक साल पहले ईरान को टूल भेजना शुरू किया था। हमारे पास यह मानने का कोई कारण नहीं है कि यह सेल अब बंद हो गई होगी। अधिकारी ने कहा कि इस एक्सचेंज में यह भी शामिल हो सकता है कि चीनी कंपनी की ओर से ईरान के सैन्य अधिकारियों को सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग भी दी जा रही हो।

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ऐसा होना गलत है, जबकि ईरान पाबंदियों का उल्लंघन कर रहा है। अब तक इस आरोप को लेकर वॉशिंगटन में स्थित चीनी दूतावास या फिर SMIC ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। चीन की ओर से लगातार यह कहा जाता रहा है कि उसके ईरान के साथ सामान्य वित्तीय संबंध हैं। उसका कहना है कि हम ईरान के साथ कुछ चीजों के कारोबार में शामिल हैं। इसके अलावा हमारा मिलिट्री या तकनीक के मामले में कोई समझौता नहीं है। यही नहीं 2020 में जब SMIC पर अमेरिका ने पाबंदी लगाई थी, तब भी चीन और खुद कंपनी ने कहा था कि हमारा चीन के मिलिट्री से कोई संबंध नहीं है।

खुलकर कुछ नहीं बोल रहा चीन, पर इस कदम के होंगे बड़े असर

चीन ने खुलकर इस जंग को लेकर अब तक कुछ नहीं कहा है और ना ही किसी का पक्ष लिया है। पिछले दिनों ही चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा था कि वार्ता के लिए सभी जरूरी विकल्पों पर विचार होना चाहिए। लेकिन अब अमेरिका ने सेमीकंडक्टर चिप को लेकर जो आरोप लगाए हैं, उससे चीन के साथ रिश्ते और खराब हो सकते हैं। यही नहीं अमेरिका ने कई बार अपने फैसलों से यह कोशिश की है कि चीन की चिप इंडस्ट्री पर असर पड़े। रॉयटर्स ने तो बीते महीने यह रिपोर्ट भी दी थी कि चीन और ईरान के बीच ऐंटी-शिप क्रूज मिसाइलों को लेकर समझौता हुआ है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN