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जब तक अमेरिका और इजरायल को…, ईरान ने चीन को फोन पर बता दी युद्ध की डेडलाइन

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चीनी समकक्ष वांग यी से बात की थी। अराघची ने चीनी पक्ष के अमेरिका और इजरायल की तरफ से किए जा रहे हमलों के बारे में जानकारी दी। साथ ही कहा कि क्षेत्र में अस्थिरता की यह सबसे बड़ी वजह है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां युद्ध खत्म करने की ओर बात कर रहे हैं। वहीं, ईरान अब भी कड़ा रुख अपनाए हुए है। खबर है कि चीन के साथ हुई बातचीत में ईरान ने साफ कर दिया है कि जब कत अमेरिका और इजरायल को पछतावा नहीं हो जाता, तब तक जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही कहा है कि सारे मकसद होने तक ईरान की कार्रवाई नहीं रुकेगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चीनी समकक्ष वांग यी से बात की थी। अराघची ने चीनी पक्ष के अमेरिका और इजरायल की तरफ से किए जा रहे हमलों के बारे में जानकारी दी। साथ ही कहा कि क्षेत्र में अस्थिरता की यह सबसे बड़ी वजह है। उन्होंने कहा, ‘ईरान अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा तब तक करेगा, जब तक कि सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते और दुश्मन को अपनी हिंसक आक्रामकता पर पछतावा करने के लिए मजबूर नहीं कर दिया जाता।’

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हुई बात

अराघची ने इस बात पर जोर दिया है कि फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर असुरक्षा के तार सीधे तौर पर इन अत्याचारों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘ईरान द्वारा उठाए गए उपाय और सावधानियां अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप हैं और इनका उद्देश्य ईरान की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना है। साथ ही, इनका मकसद हमलावरों को ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करने के लिए इस जलमार्ग का दुरुपयोग करने से रोकना है।’

ईरान ने तैनात की थीं बड़ी मिसाइलें

इधर, IRGC के जनसंपर्क विभाग ने कहा है कि ईरान ने इजरायल की हवाई रक्षा प्रणाली को भेदते हुए अपने शक्तिशाली खैबर शिकन, इमाद और सेज्जिल मिसाइलों के साथ-साथ कमीकाजे ड्रोन्स तैनात किए थे। खबर है कि इन मिसाइलों ने उत्तरी और मध्य तेल अवीव में इजरायल के खुफिया ठिकानों, साथ ही रामत गन और नेगेव में सैन्य, वाणिज्यिक और सहायता केंद्रों को निशाना बनाया था।

ट्रंप ने बताई युद्धविराम योजना

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ईरान को 15 सूत्रीय युद्धविराम योजना की पेशकश की है। पीटीआई भाषा के अनुसार, अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर बताया कि युद्धविराम योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए ईरान को सौंपी गई। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका की सेना 82वीं ‘एयरबोर्न डिवीजन’ से कम से कम 1,000 और सैनिकों को तैनात की तैयारी कर रही है ताकि क्षेत्र में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों को और बल मिल सके।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN