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US ने दी ग्लोबल वॉर्निंग, ईरान समर्थक बना सकते हैं अमेरिकियों को निशाना; अलर्ट रहने बोला

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के बयान से संकेत मिलते हैं कि अमेरिका इस युद्ध से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने रविवार को कहा कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उसकी किलेबंदी को तबाह करना है।

ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने आगाह किया है कि ईरान समर्थक अमेरिका के नागरिकों पर हमला कर सकते हैं। यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि वह युद्ध से पीछे नहीं हटेगा। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

क्या है चेतावनी

अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने लिखा, ‘विदेश मंत्रालय दुनिया भर में, और विशेष रूप से मिडल ईस्ट में रहने वाले अमेरिकियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह देता है। विदेश में रह रहे अमेरिकियों को पास के अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी सुरक्षा चेतावनियों का पालन करना चाहिए। हवाई क्षेत्र के समय-समय पर बंद होने के कारण यात्रा में बाधाएं आ सकती हैं।’

आगे कहा गया, ‘मिडल ईस्ट के बाहर स्थित अमेरिकी राजनयिक केंद्रों को भी निशाना बनाया गया है। ईरान समर्थक समूह दुनिया भर में अन्य अमेरिकी हितों, ठिकानों या अमेरिकियों को निशाना बना सकते हैं।’

युद्ध चलते रहने के संकेत

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के बयान से संकेत मिलते हैं कि अमेरिका इस युद्ध से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने रविवार को कहा कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उसकी किलेबंदी को तबाह करना है। ट्रंप अमेरिका के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जो भी कदम उठाने जरूरी होंगे, उठाएंगे।

बेसेंट ने रविवार को एनबीसी के ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में कहा कि इन लक्ष्यों में ईरान की वायुसेना और नौसेना को नष्ट करना, उसे परमाणु हथियार बनाने से रोकना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शक्ति प्रदर्शन करने की उसकी क्षमता को खत्म करना शामिल है।

बेसेंट ने कहा, होर्मुज के किनारे ईरानी किलेबंदी को कमजोर करने के लिए सैन्य संपत्तियों का उपयोग करने का अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक वे पूरी तरह से ध्वस्त नहीं हो जाते। कभी-कभी आपको तनाव कम करने के लिए तनाव बढ़ाना पड़ता है।

तेल की कीमतें बढ़ेंगी

युद्ध के चौथे सप्ताह में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। अमेरिका में नियमित गैसोलीन की औसत कीमत एक महीने पहले की तुलना में 34% अधिक है। यूनाइटेड एयरलाइंस के सीईओ ने चेतावनी दी है कि तेल की कीमतें 175 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।

बेसेंट ने कहा कि चलिए मान लेते हैं कि 50 दिनों तक कीमतें अस्थायी रूप से बढ़ी रहेंगी। लेकिन इसके बदले में 50 वर्षों तक परमाणु हथियार वाले ईरानी शासन का खतरा नहीं रहेगा। कीमतें फिर कम हो जाएंगी। तेल की कीमतें कब तक कम होंगी, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि, मुझे नहीं पता कि इसमें 50 दिन लगेंगे या सौ दिन लगेंगे?

कांग्रेस से फंड मांग रही सरकार

बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी सरकार के पास ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए फंड देने के लिए काफी पैसा है, लेकिन वह कांग्रेस से अतिरिक्त फंड की मांग कर रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में सेना को अच्छी तरह से सप्लाई मिलती रहे।

बेसेंट ने युद्ध के लिए फंड जुटाने के मकसद से किसी भी तरह की टैक्स बढ़ोतरी की संभावना से भी इनकार किया। ईरान युद्ध के लिए अतिरिक्त 200 अरब डॉलर के फंड की अमेरिकी सेना की मांग का कांग्रेस में कड़ा विरोध हो रहा है, डेमोक्रेट्स और यहां तक ​​कि कुछ रिपब्लिकन भी पिछले साल रक्षा बजट में भारी आवंटन के बाद इस मांग की जरूरत पर सवाल उठा रहे हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN