Source :- LIVE HINDUSTAN
Shaheed Diwas 2026: 23 मार्च को पूरा देश शहीद दिवस मना रहा है। इसी दिन देश के वीर सपूतों भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु को ब्रिटिश सरकार ने लाहौर की जेल में फांसी दी थी। चलिए इस मौके पर हम आपको इसका पूरा इतिहास और कुछ देशभक्ति से भरी शायरियां शेयर करते हैं।
Shaheed Diwas 2026: 23 मार्च को पूरे देश में शहीद दिवस मनाया जा रहा है, इसे हम उन सभी वीरों के सम्मान में मनाते हैं, जिन्होंने अपनी कुर्बानी से देश की स्वतंत्रता की राह को आसान बनाया। साल 1931 में इसी दिन भारत माता के 3 वीर सपूतों भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु ने देश की खातिर हंसते-हंसते फांसी के फंदे को गले से लगा लिया था। उन तीनों के बलिदान ने न सिर्फ लोगों के दिलों में देशभक्ति की मशाल जलाई बल्कि सोए हुए देश को जगाने का काम भी किया। इन शहीदों की कुर्बानी हमें हमेशा याद दिलाती रहेगी कि आज की स्वतंत्रता हमें कितनी मुश्किल से मिली है। भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव के सम्मान में हम कुछ देशभक्ति से भरी शायरियां आपके साथ शेयर कर रहे हैं, जिन्हें आप अपनों को भेज सकते हैं। साथ ही 23 मार्च का इतिहास भी बताएंगे।
क्या है इतिहास
23 मार्च 1931 को ब्रिटिश सरकार ने इन तीनों वीरों को लाहौर जेल में फांसी दी थी। इन क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई और देश की आजादी के लिए अपने प्राण कुर्बान कर दिए। खासतौर पर भगत सिंह और उनके साथियों ने लाहौर षड्यंत्र केस में ब्रिटिश अधिकारी जॉन सॉन्डर्स की हत्या की थी, जो लाला लाजपत राय की मौत का बदला था। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया और आजादी की लड़ाई को नई दिशा मिली। इन शहीदों की बहादुरी, देशभक्ति और बलिदान ने लाखों भारतीयों को प्रेरित किया और फिर वहां से आजादी की अलग मशाल जली।
देशभक्ति से भरी हुई 15 शायरियां-
1.
शहीदों की कुर्बानी यूं ही बेकार नहीं जाती,
हर बूंद लहू से नई आजादी जन्म लेती है।
2.
जो हंसते-हंसते फांसी चढ़ गए,
वो नाम आज भी दिलों में जिंदा हैं।
3.
वतन की खातिर जिसने जान गंवाई,
उसकी कहानी हर दिल ने अपनाई।
4.
सरहद पर खड़ा हर जवान कहता है,
देश से बढ़कर कुछ भी नहीं होता।
5.
शहीदों की चिताओं से उठती है आवाज,
वतन के लिए जीना ही असली अंदाज।
6.
उनकी शहादत से रोशन है ये जहां,
वरना अंधेरों में खो जाता हिंदुस्तान।
7.
वतन से मोहब्बत इस कदर निभा गए,
अपनी जान देकर हमें जीना सिखा गए,
उन अमर बलिदानियों की याद में,
आज फिर से अपना शीश झुका गए।
8.
जिनकी रगों में बहता था देश के प्रति प्यार,
उन वीरों के बलिदान को शत-शत नमस्कार,
मिट गए जो अपनी मातृभूमि की रक्षा में,
सदा ऋणी रहेगा उनका यह संसार।
9.
आजादी यूं ही नहीं मिली है हमें,
हर सांस में शहीदों का कर्ज है।
जो तिरंगे के लिए झुक गए,
वो हमेशा के लिए ऊंचे हो गए।
11.
हर शहीद की कहानी ये कहती है,
देश से बढ़कर कोई धर्म नहीं।
12.
वतन के नाम अपनी जान लिख दी,
उन्होंने जिंदगी की पहचान लिख दी।
13.
देशभक्ति सिर्फ शब्द नहीं,
ये शहीदों की सांसों की विरासत है।
14.
उनकी कुर्बानी का कर्ज हम पर है,
जिसे हर दिन निभाना होगा।
15.
आजादी का हर पन्ना उनके लहू से रंगा है,
उन्हीं के कारण आज गर्व से लहराता तिरंगा है,
उन महान क्रांतिकारियों के चरणों में,
श्रद्धा के फूलों का पावन गंगा है।
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