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डोनाल्ड ट्रंप की किस बात से जापान की पीएम हुईं ‘असहज’, जानिए पर्ल हार्बर की कहानी

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Source :- BBC INDIA

जापान की पीएम सनाय ताकाइची ने अमेरिका की यात्रा के दौरान व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात की

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9 घंटे पहले

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“सरप्राइज़ के बारे में जापान से बेहतर भला कौन जानता है”, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ये बयान अब चर्चा का विषय बन चुका है.

अमेरिका की यात्रा पर पहुँचीं जापान की पीएम सनाय ताकाइची ने गुरुवार को डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाक़ात की.

दोनों की साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस जब हो रही थी, तब एक जापानी पत्रकार ने डोनाल्ड ट्रंप से पूछा, “आपने ईरान पर हमला करने से पहले यूरोप और एशिया में अपने सहयोगी देशों, जैसे कि जापान को क्यों नहीं बताया? हम जापानी लोग काफ़ी कन्फ्यूज़ हैं.”

इसके जवाब में ट्रंप ने कहा, “देखिए, सारे संकेत पहले नहीं दिए जाते. जब हमने हमला किया, तो ये काफ़ी बड़ा हमला था. और हमने इस बारे में किसी को नहीं बताया क्योंकि हम सरप्राइज़ देना चाहते थे.”

ट्रंप ने आगे कहा, “सरप्राइज़ के बारे में जापान से बेहतर भला कौन जानता है? मैं ये सवाल कर सकता हूँ कि आपने हमें पर्ल हार्बर हमले के बारे में क्यों नहीं बताया था. ऐसा कह सकते हैं ना? आप जानते हैं कि ये मुझसे इसके बारे में पूछ रहे थे. आप भी सरप्राइज़ में यक़ीन रखते हैं, शायद हमसे भी ज़्यादा. और हमने भी यही किया.”

फिर ईरान में अपने अभियान के बारे में उन्होंने कहा, “और इस सरप्राइज़ की वजह से. हमने शुरुआती दिनों में ही 50 फ़ीसदी कामयाबी हासिल की, या उससे कहीं ज़्यादा जितनी उम्मीद हमने लगाई थी. तो अगर मैं इसके बारे में सभी को पहले से बता देता तो ये सरप्राइज़ ना रह जाता.”

ट्रंप ने पर्ल हार्बर का ज़िक्र किया. सवाल ये उठता है कि पर्ल हार्बर की घटना क्या थी और उसका अमेरिका और जापान से क्या संबंध है?

पर्ल हार्बर में क्या हुआ था?

पर्ल हार्बर में जापान ने सात दिसंबर 1941 को हमला कर अमेरिका को बहुत बड़ा नुक़सान पहुँचाया था (फ़ाइल फ़ोटो)

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7 दिसंबर 1941, इस दिन प्रशांत महासागर के बीच एक द्वीप समूह पर दो घंटे तक ऐसी बमबारी हुई जिसने दूसरे विश्व युद्ध का रुख़ मोड़ डाला.

पर्ल हार्बर हमले ने ना केवल महायुद्ध का समीकरण बदला, बल्कि इन दो मुल्कों-अमेरिका और जापान की क़िस्मत को भी बदल दिया.

उस दिन जापान ने सुबह-सुबह हवाई द्वीप समूह पर स्थित अमेरिकी नौसेना के एक अड्डे पर सबको हैरान करते हुए हमला कर दिया.

बाक़ी दुनिया तब जंग में घिरी थी, लेकिन अमेरिका इससे अलग था. जापान के इस हमले ने उसे हिला दिया और अमेरिका भी मित्र राष्ट्रों की ओर से युद्ध में लड़ने के लिए उतर गया.

जापान के इस हमले में पर्ल हार्बर पर तैनात अमेरिका के सभी आठ जंगी जहाज़ नष्ट हो गए. इनमें से चार डूब गए थे.

द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका की किसी ज़मीन पर यह पहला हमला था.

जापान के इस हमले में 2400 से ज़्यादा अमेरिकी जवान मारे गए थे और 19 जहाज़ जिसमें आठ जंगी जहाज़ थे, नष्ट हो गए थे.

इसके अलावा 328 अमेरिकी विमान भी या तो क्षतिग्रस्त हुए थे या फिर पूरी तरह से नष्ट हो गए थे.

जापान ने एक घंटे और 15 मिनट तक पर्ल हार्बर पर बमबारी की थी.

इस हमले में 100 से ज़्यादा जापानी सैनिक भी मारे गए थे. इसके बाद अमेरिका सीधे तौर पर दूसरे विश्व युद्ध में शामिल हो गया था और मित्र राष्ट्रों की ओर से उसने मोर्चा संभाल लिया था.

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SOURCE : BBC NEWS