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SBI फंड्स मैनेजमेंट IPO की तैयारी, कंपनी ने सेबी को जमा किए डॉक्युमेंट

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Source :- LIVE HINDUSTAN

कंपनी के दस्तावेजों के मसौदे (डीआरएचपी) के अनुसार, आईपीओ पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित है, जिसके तहत 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी। इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। 

SBI Funds Management IPO: भारतीय शेयर बाजार में भले ही भूचाल हो लेकिन आईपीओ मार्केट में हलचल बरकरार है। कई बड़ी कंपनियों ने आईपीओ लॉन्च किए हैं तो कुछ आईपीअे की तैयारी में हैं। आईपीओ की तैयारी वाली कंपनियों में एक एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट है। कंपनी ने आईपीओ के लिए शुरुआती दस्तावेज जमा किए हैं। कंपनी आईपीओ के जरिये धन जुटाने की योजना बना रही है।

ऑफर फॉर सेल है आईपीओ

कंपनी के दस्तावेजों के मसौदे (डीआरएचपी) के अनुसार, आईपीओ पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित है, जिसके तहत 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी। इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। इस आईपीओ के माध्यम से कंपनी के प्रवर्तक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।

इस इश्यू के प्रबंधन के लिए मर्चेंट बैंकर्स के एक समूह को नियुक्त किया गया है। इसमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज इंडिया, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, जेफरीज इंडिया, जेएम फाइनेंशियल, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स शामिल हैं।

एसबीआई और पेरिस स्थित अमुंडी की एसबीआईएफएमएल में क्रमशः 61.98 प्रतिशत और 36.40 प्रतिशत हिस्सेदारी है और वे आईपीओ के माध्यम से संयुक्त रूप से 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं। पहले की घोषणाओं के अनुसार, एसबीआई की हिस्सेदारी 6.3 प्रतिशत और अमुंडी की हिस्सेदारी 3.7 प्रतिशत कम हो जाएगी। दिसंबर 2025 तक, एसबीआईएफएमएल 12.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का प्रबंधन कर रहा था।

हाल ही में, केंद्र सरकार ने स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने की योजना बना रही मेगा कंपनियों के लिए न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता को नियंत्रित करने वाले नियमों में संशोधन किया है, जिसमें एक श्रेणीबद्ध ढांचा पेश किया गया है जो बड़ी कंपनियों को अपने आईपीओ के समय जनता को शेयरों का एक छोटा हिस्सा पेश करने की अनुमति देता है।

दिसंबर 2025 तक कंपनी 1.6 करोड़ से अधिक निवेशकों को सेवाएं प्रदान करती है और 6,06,139 करोड़ रुपये के औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (MAAUM) का प्रबंधन करती है, जो कुल म्यूचुअल फंड MAAUM का 48.05% है। तिमाही आधार पर इसकी बाजार हिस्सेदारी 15.4% है, जो इसे भारत की सबसे बड़ी एएमसी बनाती है। फर्म अन्य संबंधित क्षेत्रों में भी अग्रणी है, जिसमें पीएमएस में 39% और विशेष निवेश फंडों में 61% बाजार हिस्सेदारी है। इसका एसआईपी नेटवर्क उद्योग में सबसे मजबूत नेटवर्कों में से एक है, जिसमें 1.57 करोड़ सक्रिय एसआईपी हैं, जो खुदरा निवेशकों की गहरी पैठ को दर्शाता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN