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ईरान पर सरप्राइज अटैक क्यों किया? पर्ल हार्बर का जिक्र कर ट्रंप ने उड़ाया जापान का मजाक

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Source :- LIVE HINDUSTAN

दिलचस्प बात यह है कि पिछले मंगलवार तक ट्रंप जापान, चीन और नाटो देशों से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अपने टैंकरों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की अपील कर रहे थे। लेकिन अब उन्होंने अपने रुख से यू-टर्न ले लिया है।

अक्टूबर 2025 में कार्यभार संभालने और हाल ही में संसदीय चुनावों में भारी जीत दर्ज करने वाली जापानी पीएम ताकाइची ने ट्रंप की नेतृत्व क्षमता पर गहरा भरोसा जताया। उनका मानना है कि दुनिया एक गंभीर सुरक्षा वातावरण से गुजर रही है। उन्हें इस बात का दृढ़ विश्वास है कि केवल डोनाल्ड ट्रंप ही विश्व शांति बहाल कर सकते हैं। ताकाइची ने ईरान के प्रति जापान के कड़े रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की ईरान की कोशिशों की भी कड़े शब्दों में निंदा की।

सरप्राइज के पीछे ट्रंप ने क्या दिए तर्क?

जापान की प्रधानमंत्री जब अपने अमेरिका यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही थी तब ट्रंप से सवाल किया गया कि उन्होंने ईरान पर हमला करने से पहले अपने सहयोगियों को भरोसे में क्यों नहीं लिया? इस पर ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में जवाब दिया, “हम सरप्राइज चाहते थे। और सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है? आपने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में पहले क्यों नहीं बताया था?”

आपको बता दें कि इजरायल द्वारा पार्स गैस फील्ड को निशाना बनाने के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को कतर, सऊदी अरब, कुवैत, इजरायल और यूएई की सबसे बड़ी रिफाइनरियों और गैस संयंत्रों पर मिसाइलों और ड्रोनों की बरसात कर दी। इससे कच्चे तेल की कीमतें 116 डॉलर के पार निकल गई।

कतर ने बताया कि हमले में कई एलएनजी संयंत्रों को आग और धमाके से नुकसान हुआ है लेकिन नुकसान का सटीक आकलन नहीं हो सका है। फिलहाल ऊर्जा का उत्पादन रोक दिया गया है और आग पर काबू पा लिया गया है। कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर से दुनिया को 20 फीसदी गैस आपूर्ति होती है।

वहीं, सऊदी अरब की समरेफ रिफाइनरी पर भी ड्रोन से हमला हुआ। ईरान ने कुवैत कर मिना अब्दुल्ला रिफाइनरी और मिना अल अहमदी रिफाइनरी पर भी ड्रोन गिराए, जिससे संयंत्र में आग लग गई। मिना अल अहमदी रिफाइनरी मध्यपूर्व की सबसे बड़ी रिफाइनरी है। इससे रोजाना 7.30 लाख बैरल पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन होता है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दक्षिणी रियाद में भी ईरान ने एक रिफाइनरी को मिसाइल से निशाना बनाया।

ट्रंप का यू-टर्न

दिलचस्प बात यह है कि पिछले मंगलवार तक ट्रंप जापान, चीन और नाटो देशों से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अपने टैंकरों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की अपील कर रहे थे। लेकिन अब उन्होंने अपने रुख से यू-टर्न ले लिया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए ट्रंप ने घोषणा की, “हमारी सैन्य सफलता इतनी जबरदस्त है कि हमें अब नाटो, जापान या दक्षिण कोरिया की सहायता की जरूरत नहीं है। सच तो यह है कि अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश है और हमें किसी की मदद की आवश्यकता नहीं है!”

हाइफा रिफाइनरी को नुकसान

ईरान ने इजरायल की हाइफा तेल रिफाइनरी पर भी हमला किया गया। यहां भी नुकसान की खबरें हैं। ईरान के सैन्य ऑपरेशन कमांड खातम अल अनबिया ने बयान जारी कर धमकी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ठिकानों पर फिर हमला हुआ तो ईरान और कड़ा प्रहार करेगा।

ईरान ने अपने एक प्रमुख गैस फील्ड पर इजराइल के हमले के जवाब में गुरुवार को खाड़ी देशों में तेल और गैस के प्रतिष्ठानों पर हमले बढ़ा दिए और इस तरह युद्ध की स्थिति गहराती जा रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रही है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN