Source :- LIVE HINDUSTAN
नवरात्रि के व्रत में सात्विक भोजन किया जाता है और इसमें ज्यादातर लोग कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूड़ियां, आलू, लौकी की झोल वाली सब्जी बनाते हैं। कुट्टू के आटे की पूड़ियां बनाने के कुछ देर बाद सख्त हो जाती है। ऐसे में आप मेरी सास की एक ट्रिक अपनाकर उन्हें सॉफ्ट बना सकते हैं।
नवरात्रि के व्रत में सात्विक खाना खाया जाता है। व्रत में आलू, रायता, लौकी की सब्जी तो लोग खाते ही हैं, साथ में कुट्टू के आटे की पूड़ियां भी खाई जाती हैं। वैसे तो कुट्टू के आटे से की पकवान बनते हैं लेकिन ज्यादातर घरों में पूड़ियां बनती हैं, जो लौकी या आलू की झोल वाली सब्जी के साथ खाई जाती है। कुट्टू के आटे से बनी पूड़ियां ग्लूटेन-फ्री होती हैं और स्वाद में हल्की कुरकुरी व मुलायम लगती हैं। इन्हें उबले आलू या सिंघाड़े के आटे के साथ मिलाकर बनाने से सॉफ्टनेस आती है और तलने पर ये फूल भी जाती हैं। लेकिन अगर आपका माप कम-ज्यादा हो या फिर तेल सही न हो, तो कुट्टू के आटे की पूड़ियां सख्त हो जाती है। फिर इन्हें खाने में मजा नहीं आता। मेरी सास नवरात्रि के व्रत में कुट्टू के आटे की पूड़ियां बनाती हैं। उन्होंने एक ट्रिक अपनाई हुई है, जिससे पूड़ियां रुई जैसी नरम बन जाती हैं। चलिए आपको मेरी सास का सीक्रेट तरीका बताते हैं।
नरम पूड़ियां बनाने की सामग्री
कुट्टू का आटा: 2 कप
उबले हुए आलू: 3-4 मध्यम (अच्छी तरह मैश किए हुए)
सेंधा नमक: स्वादानुसार
बारीक कटा हरा धनिया: थोड़ा सा खुशबू के लिए
गुनगुना पानी आवश्यकतानुसार
मूंगफली का तेल या घी
बनाने की विधि (Step-by-Step)
सबसे पहले एक परात में कुट्टू का आटा छान लें। इसमें मैश किए हुए आलू डालें। याद रखें, आलू आटे को बाइंड (Bind) करने और उसे नमी देने का काम करते हैं। इसमें नमक और धनिया डालें। अब बिना पानी डाले पहले आलू और आटे को अच्छी तरह मिलाएं। अगर जरूरत लगे तो थोड़ा सा गुनगुना पानी डालकर आटा सख्त गूंथ लें। ज्यादा पानी न डालें और बहुत ठंडा पानी भी नहीं होना चाहिए। इस आटे को सेट होने के लिए समय नहीं देना है वरना ये गीला हो जाएगा। अब आपको कढ़ाही में मूंगफली का तेल डालना है और गर्म होने देना है। वैसे तो घी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं लेकिन मूंगफली का तेल कम सोखता है और पूड़ियों को नरम बना देता है। ये पूड़ियां बाहर से करारी रहती है लेकिन अंदर से बिल्कुल सॉफ्ट बनेंगी।
सास की सीक्रेट ट्रिक- अक्सर हम कुट्टू के आटे को सिर्फ पानी से गूंथते हैं, जो इसे सख्त बना देता है। मेरी सास की ट्रिक ये है कि आटे में उबले हुए आलू की मात्रा सही रखें और इसे गुनगुने पानी से गूंथें। तलने के लिए मूंगफली का तेल इस्तेमाल करें। मूंगफली के तेल में बनी पूड़ियां मुलायम बनी रहती हैं और ये पौष्टिक भी हो जाती है। मूंगफली का तेल बाजार में आसानी से उपलब्ध है और इसे व्रत में खा भी सकते हैं।
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