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सैलरी बढ़ाने से लेकर, DA और OPS बहाली तक… केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

AITUC की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को कम से कम 3.0 करने की है। फिटमेंट फैक्टर वही मल्टीप्लायर होता है जिसके आधार पर कर्मचारियों की नई सैलरी तय होती है। अगर 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।

Central govt employees news: केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन को लेकर बनने जा रहे 8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें रखना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंगना प्रकाश देसाई को 18 सवालों के जवाब के साथ कई अहम सुझाव भेजे हैं। इन सुझावों में कर्मचारियों की सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, ज्यादा प्रमोशन और भत्तों में सुधार जैसी मांगें शामिल हैं।

क्या है डिटेल

AITUC की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को कम से कम 3.0 करने की है। फिटमेंट फैक्टर वही मल्टीप्लायर होता है जिसके आधार पर कर्मचारियों की नई सैलरी तय होती है। अगर 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ ही संगठन ने कहा है कि कर्मचारियों को मिलने वाला वार्षिक इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर कम से कम 6% किया जाए, ताकि महंगाई के हिसाब से उनकी आय में सही बढ़ोतरी हो सके।

सैलरी तय करने के फार्मूले में भी बदलाव की मांग

संगठन ने सैलरी तय करने के फार्मूले में भी बदलाव की मांग की है। 7वें वेतन आयोग में वेतन गणना के लिए परिवार की यूनिट तीन मानी गई थी, जिसमें पति-पत्नी और दो बच्चे शामिल थे। AITUC का कहना है कि अब परिवार की यूनिट को पांच माना जाए, जिसमें माता-पिता को भी शामिल किया जाए। इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और भत्तों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा कर्मचारियों को 30 साल की नौकरी में कम से कम पांच प्रमोशन देने की भी मांग की गई है।

पेंशन के मुद्दे पर बड़ा प्रस्ताव

पेंशन के मुद्दे पर भी AITUC ने बड़ा प्रस्ताव रखा है। संगठन ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की मांग की है। साथ ही सुझाव दिया गया है कि पेंशन में हर पांच साल में 5% की बढ़ोतरी हो। इसके अलावा जो कर्मचारी पेंशन का कुछ हिस्सा कम्यूट करते हैं, उनके लिए पूरी पेंशन बहाल होने की अवधि 15 साल से घटाकर 11–12 साल करने का प्रस्ताव दिया गया है।

DA कैलकुलेशन पर भी सवाल

कर्मचारी संगठन ने महंगाई भत्ता (DA) की गणना के तरीके पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मौजूदा ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) में कई जरूरी चीजें शामिल नहीं हैं, इसलिए इसे संशोधित किया जाना चाहिए। इसके अलावा कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट पर लीव एन्कैशमेंट की सीमा 300 दिन से बढ़ाकर 450 दिन करने, कैशलेस मेडिकल सुविधा, मेंस्ट्रुअल लीव और लंबी पितृत्व अवकाश जैसी सुविधाएं देने की भी मांग की गई है।

AITUC ने रेलवे, CAPF और रक्षा नागरिक कर्मचारियों के लिए जोखिम और कठिनाई को देखते हुए ज्यादा मुआवजा और भत्ते देने की भी सिफारिश की है। संगठन के मुताबिक ड्यूटी के दौरान मौत होने पर 2 करोड़ रुपये, बड़े हादसे पर 1.5 करोड़ रुपये और छोटे हादसे पर 10 से 25 लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। साथ ही सरकार से यह भी कहा गया है कि खाली पड़े करीब 15 लाख केंद्रीय पदों पर नियमित भर्ती की जाए और कॉन्ट्रैक्ट या आउटसोर्सिंग की व्यवस्था को कम किया जाए।

इन सभी मांगों पर अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार के निर्णय के बाद ही होगा, लेकिन इतना तय है कि कर्मचारियों की उम्मीदें इस बार वेतन, पेंशन और सुविधाओं में बड़े बदलाव की हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN