Source :- LIVE HINDUSTAN
क्या वाकई दूध पीने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है या फिर दूध का सेवन दिल के मरीजों के लिए सुरक्षित नहीं होता है। इस विषय को समझने के लिए हमें दूध में मौजूद वसा और उसके प्रकार को जानना जरूरी है।
दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है। इसमें शरीर के लिए आवश्यक लगभग सभी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, वसा , कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फॉस्फोरस और कई विटामिन (A, D, B2, B12) उचित मात्रा में मौजूद होते हैं, जो हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं। यही वजह है कि बढ़ते बच्चों को दूध पीने की सलाह दी जाती है। लेकिन क्या ऐसी ही कोई सलाह कोलेस्ट्रॉल रोगियों या दिल के मरीजों को भी दी जा सकती है। क्या वाकई दूध पीने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है या फिर दूध का सेवन दिल के मरीजों के लिए सुरक्षित नहीं होता है। इस विषय को समझने के लिए हमें दूध में मौजूद वसा और उसके प्रकार को जानना जरूरी है। जिसके लिए हमने बता की फोर्टिस (ग्रेटर नोएडा) के हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. हरनीश सिंह भाटिया से।
दिल की सेहत के लिए कौन-सा दूध बेहतर?
1. टोंड दूध (Toned Milk): इस दूध में फैट की मात्रा कम होती है (लगभग 3%)। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए जिन्हें हृदय रोग, उच्च रक्तचाप या मधुमेह की समस्या है, उनके लिए सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
2. डबल टोंड दूध (Double Toned Milk) : इस दूध में टोंड दूध से भी कम वसा (लगभग 1.5%) होती है। वेट लॉस और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए यह दूध बेहतर विकल्प हो सकता है।
3. स्किम्ड दूध (Skimmed Milk) : इस दूध में फैट लगभग शून्य के बराबर होता है। यह हृदय रोगियों और उच्च कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है। प्रोटीन और कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में मिलते हैं, जबकि हानिकारक वसा लगभग नहीं के बराबर होता है।
किस तरह के दूध से रहें सावधान?
1. फुल क्रीम दूध (Full Cream Milk)- इसमें वसा की मात्रा सबसे अधिक (लगभग 6%) होती है। इस तरह के दूध का नियमित सेवन करने से बॉडी को कैलोरी और सैचुरेटेड फैट ज्यादा मिलते हैं, जो LDL कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ा सकते हैं।
2. फ्लेवर्ड और मीठा दूध – चॉकलेट या अन्य फ्लेवर वाले दूध में अतिरिक्त शुगर की मात्रा मौजूद होती है, जो वजन बढ़ाने और मेटाबॉलिक जोखिम बढ़ाने का कारण बन सकती है।
क्या दिल के मरीज दूध पी सकते हैं?
अगर आप भी खुद से यह सवाल कई बार पूछ चुके हैं तो इसका जवाब है ‘हां’। हालांकि दिल के रोगियों को दूध का सेवन करने से पहले उसके सही प्रकार का पता होना बेहद जरूरी है। कम वसा वाला दूध सुरक्षित होने के साथ कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन-डी से भरपूर होने की वजह से हड्डियों और मांसपेशियों के लिए लाभकारी माना जाता है। जिन लोगों को पहले से उच्च कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग या मोटापा है, उन्हें फुल क्रीम दूध का सेवन करने से बचना चाहिए।
सलाह
दूध पूरी तरह से हानिकारक नहीं है, लेकिन ‘कौन-सा दूध’ और ‘कितनी मात्रा’में दूध पीना चाहिए, ये पता होना बेहद जरूरी है। हृदय स्वास्थ्य के लिए लो-फैट या स्किम्ड दूध बेहतर विकल्प होते हैं। इसके अलावा संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सही जीवनशैली के साथ दूध का सेवन दिल की सेहत के लिए सुरक्षित और फायदेमंद माना गया है।
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