Source :- LIVE HINDUSTAN
सेहतमंद बने रहने के लिए स्टेनलेस स्टील की बोतलों की असलियत और इन दावों के पीछे के खोखलेपन को समझना आज के दौर में बेहद जरूरी है। जिसके लिए हमनें बात की फोर्टिस गुड़गांव के आंतरिक चिकित्सक डॉ. सतीश कौल से।
क्या आपकी पसंदीदा स्टील की बोतल वास्तव में एक ‘साइलेंट किलर’ है, या यह केवल सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने का एक नया पैंतरा है? हाल के दिनों में वायरल हुए एक भ्रामक वीडियो ने लाखों लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है, जिससे एक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प को ‘जहर’ के रूप में पेश किया जा रहा है। यह ‘फियर-मोंगरिंग’ (डर फैलाना) का एक क्लासिक उदाहरण है, जहां वैज्ञानिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर और आधी-अधूरी सच्चाई के साथ परोसा जाता है ताकि आपकी सेहत के प्रति आपकी सतर्कता का गलत फायदा उठाया जा सके। सेहतमंद बने रहने के लिए स्टेनलेस स्टील की बोतलों की असलियत और इन दावों के पीछे के खोखलेपन को समझना आज के दौर में बेहद जरूरी है। जिसके लिए हमनें बात की फोर्टिस गुड़गांव के आंतरिक चिकित्सक डॉ. सतीश कौल से।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
डॉ. सतीश कौल कहते हैं कि प्लास्टिक की बोतलों के विकल्प के रूप में स्टेनलेस स्टील की पानी की बोतलों का उपयोग सुरक्षित और टिकाऊ माना जाता है, लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल भी उठता है कि क्या इनका नियमित उपयोग स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। तो इसके लिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि अच्छी गुणवत्ता वाले फूड-ग्रेड स्टेनलेस स्टील (जैसे 304 या 316 ग्रेड) से बनी बोतलें सामान्यतः स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं। इनसे पानी में किसी तरह के हानिकारक रसायन के मिलने की संभावना बहुत कम बनी रहती है, जो कि प्लास्टिक की बोतलों में एक चिंता का विषय हो सकता है। यही कारण है कि कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी प्लास्टिक की तुलना में स्टील की बोतलों को बेहतर विकल्प मानते हैं।
स्टील की बोतल यूज करते समय बरतें ये सावधानियां
हालांकि, स्टील के बर्तनों को सेहत के लिए सुरक्षित माना जाता है। बावजूद इसके कुछ सावधानियां रखना भी जरूरी है। यदि बोतल की गुणवत्ता अच्छी नहीं है या उसमें धातुओं का अनुपात मानक के अनुसार नहीं है, तो लंबे समय में धातु के सूक्ष्म कण पानी में घुलने की संभावना हो सकती है। विशेष रूप से बहुत सस्ते या बिना प्रमाण वाले उत्पादों में यह जोखिम थोड़ा बढ़ जाता है। इसके अलावा, यदि बोतल की अंदरूनी सतह पर खरोंच या जंग लग जाए तो उसे बदल देना बेहतर रहता है।
स्वच्छता- स्टील की बोतलों को यूज करते समय एक और महत्वपूर्ण पहलू स्वच्छता का भी सामने आता है। कई लोग स्टील की बोतलें लंबे समय तक बिना अच्छी तरह साफ किए उपयोग करते रहते हैं। जिसकी वजह से बोतल के अंदर बैक्टीरिया या फफूंदी पनप सकती है, खासकर तब जब उसमें पानी के अलावा जूस, शरबत या अन्य पेय पदार्थ रखे जाएं। इसलिए बोतल को रोजाना गर्म पानी और हल्के साबुन से साफ करना और समय-समय पर अच्छी तरह सुखाना जरूरी है।
स्वाद में बदलाव- कुछ लोग स्टील की बोतलों में अत्यधिक अम्लीय पेय जैसे नींबू पानी या सिरका आधारित पेय लंबे समय तक रखते हैं। सामान्य परिस्थितियों में यह बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन कई घंटों तक ऐसे पेय रखने से धातु के स्वाद में बदलाव महसूस हो सकता है।
सलाह- अच्छी गुणवत्ता वाली स्टेनलेस स्टील की बोतलें रोजमर्रा के उपयोग के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं। सही ग्रेड का चयन, नियमित सफाई और बोतल की स्थिति पर ध्यान देना ही मुख्य सावधानियां हैं। यदि ये बुनियादी बातें ध्यान रखी जाएं, तो स्टील की बोतलें पानी पीने के लिए एक व्यावहारिक और अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प हो सकती हैं।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN

