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19% चढ़ा स्टॉक, खरीदने की मची लूट, कंपनी के मैनेजमेंट में हुआ है बदलाव

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पाइप और फिटिंग बनाने वाली कंपनी अपोलो पाइप्स के शेयरों में आज सोमवार 9 मार्च को जोरदार तेजी देखने को मिली। बाजार में हल्की कमजोरी के बावजूद कंपनी का स्टॉक दिन के कारोबार में करीब 19 प्रतिशत तक उछलकर ₹416.90 तक पहुंच गया।

Apollo Pipes Share: पाइप और फिटिंग बनाने वाली कंपनी अपोलो पाइप्स के शेयरों में आज सोमवार 9 मार्च को जोरदार तेजी देखने को मिली। बाजार में हल्की कमजोरी के बावजूद कंपनी का स्टॉक दिन के कारोबार में करीब 19 प्रतिशत तक उछलकर ₹416.90 तक पहुंच गया। ट्रेडिंग के दौरान शेयर में भारी खरीदारी देखने को मिली, जिसके चलते निवेशकों का ध्यान इस स्टॉक पर खास तौर से गया। हालांकि दिन के आखिर तक इसमें थोड़ी मुनाफावसूली भी दिखी और इंट्रा डे में यह करीब ₹398.30 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो पिछले बंद भाव ₹350.10 से लगभग 13.7 प्रतिशत ज्यादा है।

क्या है डिटेल

दिलचस्प बात यह है कि जब बाजार का प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 50 करीब 1.8 प्रतिशत गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, तब भी अपोलो पाइप्स के शेयर में मजबूत तेजी बनी रही। बाजार में आई इस तेजी के पीछे भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम भी एक बड़ी वजह रहा। सोमवार के कारोबार के दौरान बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंजों पर कंपनी के लगभग 1.7 करोड़ से ज्यादा शेयरों की खरीद-बिक्री हुई, जिसकी कुल वैल्यू करीब ₹650 करोड़ के आसपास रही।

शेयरों के हाल

अगर पिछले कुछ समय का प्रदर्शन देखें तो कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। यह स्टॉक अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर ₹252.16 (जो 21 जनवरी 2026 को बना था) से अब तक करीब 65 प्रतिशत तक उछल चुका है। हालांकि, कंपनी का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर ₹494.95 रहा है, जो 27 मई 2025 को दर्ज किया गया था।

मैनेजमेंट में बदलाव

पिछले हफ्ते कंपनी के बोर्ड ने एक अहम फैसला लेते हुए पराग दादेच को कंपनी का नया चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) नियुक्त करने को मंजूरी दी थी। उनकी नियुक्ति 2 मार्च 2026 से प्रभावी हो गई है। माना जा रहा है कि प्रबंधन में यह बदलाव कंपनी के ऑपरेशंस और भविष्य की रणनीति को मजबूत करने में मदद कर सकता है, जिससे निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है।

हालांकि, वित्तीय मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में अपोलो पाइप्स को ₹4.8 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹6.4 करोड़ का मुनाफा हुआ था। इस दौरान कंपनी की आय भी करीब 20 प्रतिशत घटकर ₹247.2 करोड़ रह गई, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹308 करोड़ थी। कंपनी का EBITDA भी घटकर ₹12 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले यह ₹23.3 करोड़ था। इसके साथ ही EBITDA मार्जिन भी 7.6 प्रतिशत से घटकर 4.9 प्रतिशत पर आ गया।

कंपनी का कारोबार

कंपनी के कारोबार की बात करें तो अपोलो पाइप्स देश की प्रमुख पाइपिंग सॉल्यूशन कंपनियों में शामिल है और यह PVC, CPVC और HDPE पाइप के साथ-साथ टैंक, फिटिंग और अन्य प्रोडक्ट बनाती है। इनका इस्तेमाल कृषि, पानी की सप्लाई, कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेलीकॉम जैसे कई सेक्टर में होता है। कंपनी के देश में पांच बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता करीब 1.36 लाख मीट्रिक टन सालाना है। साथ ही कंपनी उत्तर भारत में बढ़ती मांग को देखते हुए अपने दादरी प्लांट में विस्तार की योजना भी बना रही है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN