Source :- LIVE HINDUSTAN
ईरान युद्ध का लंबा खिंचना अमेरिका ही नहीं यूरोप के लिए भी परेशानी का कारण बन सकता है। यूरोपीय संघ के रक्षा आयुक्त कुबिलियस का कहना है कि यूरोप को अपनी रक्षा की जिम्मेदारी उठा लेनी चाहिए क्योंकि अब अमेरिका के लिए यूक्रेन और खाड़ी क्षेत्र में मिसाइलों की आपूर्ति करना आसान नहीं है।
इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले ने पूरे पश्चिम एशिया को संघर्ष में झोंक दिया है। इस युद्ध को कुछ घंटों में खत्म करने का सपना देखकर आए ट्रंप और नेतन्याहू अब इस युद्ध के लंबे खिंचने को लेकर चिंतित हैं। हालांकि, ट्रंप ने कहा है कि उनका देश 4 से 6 हफ्तों के युद्ध के लिए भी तैयार है। हालांकि, इस मुद्दे पर यूरोपीय संघ के रक्षा मंत्री अंद्रियस कुबिलियस की राय अलग है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास इतनी मिसाइलें नहीं है कि वह एक साथ खाड़ी देशों और यूक्रेन दोनों की रक्षा कर पाए।, तो अगर यह युद्ध ज्यादा लंबा खिंचता है, तो अमेरिका की रक्षा उद्योग प्रणालियों के ऊपर बुरा असर दिख सकता है।
वर्साय में एक सम्मेलन के दौरान खाड़ी क्षेत्र में शुरू हुए संघर्ष पर बोलते हुए कुबिलियस ने यूरोप की अपनी डिफेंस प्रणाली बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल साफ है कि ईरान संकट के बाद यूरोप के लिए एयर डिफेंस और एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाना और भी ज्यादा जरूरी हो गया है। क्योंकि केवल अमेरिकी मिसाइलों से हमारी जरूरत पूरी नहीं हो सकेगी। अमेरिकन वास्तव में इतनी मिसाइलें उपलब्ध नहीं करा पाएंगे कि वे खाड़ी देशों, अमेरिकी सेना और यूक्रेन तीनों की जरूरतें पूरी कर सकें।”
आपको बता दें, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की भी इस तरह की चिंता जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि फिलहाल यूरोपीय देशों और अमेरिका की तरफ से हथियारों की जो खेप आनी थी, वह आ चुकी है, लेकिन आगे अगर ईरान युद्ध ज्यादा लंबा चलता है, तो फिर हम यह नहीं कह सकते कि यह हथियार इसी तरह उपलब्ध होते रहेंगे या फिर नहीं।
कुबिलियस ने भी अमेरिका मिसाइलों के ऊपर यूरोप की निर्भरता को कम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एंटी-मिसाइल रक्षा प्रणाली के उत्पादन को बढ़ाना यूरोप के लिए एक बड़ी चुनौती है, खासकर तब जब यूक्रेन की जरूरतें बहुत ज्यादा हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ सर्दियों के मौसम के लिए ही यूक्रेन को लगभग 700 पैट्रियट PAC-2 और PAC-3 मिसाइलों की जरूरत है, जो लगभग उतनी ही संख्या है जितनी अमेरिकी कंपनियां एक साल में बनाती हैं।
गौरतलब है कि कुबिलियस की तरफ से यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका और इजरायल, ईरान युद्ध में लंबे समय के लिए फंसते हुए नजर आ रहे हैं। दोनों देशों को उम्मीद थी कि हमले शुरू होते ही ईरानी लोग उनके समर्थन में आ जाएंगे और सत्ता के खिलाफ बगावत कर देंगे, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ भी होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। इसके उलट ईरान ने इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के तमाम ठिकानों के ऊपर बमबारी करना शुरू कर दिया है, जिसकी वजह से पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है। इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट को भी ईरान ने अमेरिकी और यूरोपी जहाजों के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया है, जिसकी वजह से वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा होने की स्थिति बन गई है।
इसके अलावा इस क्षेत्र में ईरान द्वारा प्रयोग किए जा रहे सहीद आत्मघाती ड्रोन्स की वजह से भी अमेरिका को काफी नुकसान हो रहा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका की तरफ से उनसे इस मुद्दे पर मदद मांगी गई थी, जिसके लिए वह तैयार हैं। दरअसल, यूक्रेन लगातार ऐसे ड्रोन हमलों का सामना कर रहा है। इसके साथ ही यूक्रेन ने अपने यहां ही ऐसे सस्ती प्रणाली बनाई है, जो हवा में ही ड्रोन को नष्ट कर सकती है। जेलेंस्की ने कहा कि वह एक प्रणाली देने के लिए तैयार हैं, हालांकि उन्होंने इसके बदले में पैट्रियेट मिसाइल सिस्टम की मांग की है।
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