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खामेनेई का बेटा मंजूर नहीं, ईरान का अगला लीडर चुनने के लिए मुझे शामिल होना होगा: ट्रंप

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Source :- LIVE HINDUSTAN

एक्सियोस ने एक इंटरव्यू में ट्रंप के हवाले से बताया कि खामेनेई का बेटा मुझे मंज़ूर नहीं है। हम कोई ऐसा चाहते हैं जो ईरान में शांति और मेलजोल लाए। ट्रंप ने कहा कि मुझे अपॉइंटमेंट में शामिल होना होगा, जैसे वेनेजुएला में डेल्सी (रोड्रिगेज) के साथ हुआ था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के चयन पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दो टूक कहा है कि खामेनेई का बेटा अगले सुप्रीम लीडर के पद के लिए मुझे मंजूर नहीं है। ईरान का अगला लीडर चुनने के लिए मुझे शामिल होना होगा।

एक्सियोस ने एक इंटरव्यू में ट्रंप के हवाले से बताया, “खामेनेई का बेटा मुझे मंज़ूर नहीं है। हम कोई ऐसा चाहते हैं जो ईरान में शांति और मेलजोल लाए।” ट्रंप ने कहा, “मुझे अपॉइंटमेंट में शामिल होना होगा, जैसे वेनेजुएला में डेल्सी (रोड्रिगेज) के साथ हुआ था।”

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर के बेटे मोजतबा खामेनेई, ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में बच गए हैं, जिसमें उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। ईरान के एलीट रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ करीबी रिश्ते रखने वाले मोजतबा ईरानी मौलवी संगठन में सबसे असरदार लोगों में से एक हैं और उन्हें अपने पिता के संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता है।

अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद, ईरानी नेता नया नेतृत्व चुनने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। खामेनेई ने 37 वर्षों तक ईरान पर शासन किया था। ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से यह दूसरा मौका है, जब एक नए सर्वोच्च नेता को चुना जा रहा है। संभावित उम्मीदवारों में पश्चिमी देशों के साथ टकराव के लिए प्रतिबद्ध कट्टरपंथी नेताओं से लेकर राजनयिक संबंध स्थापित करने के इच्छुक सुधारवादी नेता भी शामिल हैं।

अयातुल्ला खामेनेई के बेटे एवं शिया धर्मगुरु मोजतबा को व्यापक रूप से संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है। उनके ईरान के अर्धसैनिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड से मजबूत संबंध हैं, लेकिन उन्होंने कभी कोई पद ग्रहण नहीं किया है। हालांकि, इस्लामी गणराज्य लंबे समय से वंशानुगत शासन की आलोचना करता रहा है।

युद्ध, शांति और विवादित परमाणु कार्यक्रम सहित सभी प्रमुख मुद्दों पर सर्वोच्च नेता ही अंतिम निर्णय लेते हैं। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि इस सप्ताह की शुरुआत में नए सर्वोच्च नेता को चुना जाएगा। सर्वोच्च नेता की नियुक्ति 88 सदस्यीय विशेषज्ञों के पैनल द्वारा की जाती है, जिन्हें कानून के अनुसार शीघ्र ही उत्तराधिकारी का नाम घोषित करना होता है। इसमें शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं। ईरान की संवैधानिक निगरानी संस्था, ‘गार्डियन काउंसिल’ द्वारा उनकी उम्मीदवारी को मंजूरी मिलने के बाद जनमत संग्रह द्वारा इन धर्मगुरुओं को चुना जाता है। खामेनेई का दोनों धार्मिक संगठनों पर काफी प्रभाव था, इसलिए यह संभावना कम है कि अगला नेता उनसे अलग विचारों वाला होगा।

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