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खामेनेई के साथ उठने-बैठने वाला कमांडर ही निकला भेदिया? कौन है इस्माइल कानी, क्यों गहराया शक

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Source :- LIVE HINDUSTAN

कुछ सोशल मीडिया खातों ने दावा किया कि Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इस्माइल क़ानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में उसे मोसाद की जासूसी करने के आरोप में मौत की सजा दे दी।

मध्य-पूर्व में अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते युद्ध के बीच ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल कानी (Esmail Qaani) को लेकर रहस्य और अटकलें तेज हो गई हैं। इंटरनेशनल मीडिया में ऐसी चर्चा है कि इस्माइल कानी ही ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई का भेदिया था। उस पर इजरायली जासूसी एजेंसी मोसाद के लिए मुखबिरी करने के आरोप लग रहे हैं। इन अटकलों के बीच नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, इस्माइल कानी को ईरानी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। सोशल मीडिया पर अपुष्ट दावों में कहा जा रहा है कि ईरान की सेना ने उन्हें हिरासत में लिया है या जासूसी के शक में मार दिया है, हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर फैलीं अफवाहें

कुछ सोशल मीडिया खातों ने दावा किया कि Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इस्माइल क़ानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसे मोसाद की जासूसी करने के आरोप में मौत की सजा दे दी। इन पोस्टों में यह भी कहा गया कि उन पर इजरायल की खुफिया एजेंसी Mossad के लिए जासूसी करने का संदेह था। हालांकि अभी तक इन दावों की किसी स्वतंत्र स्रोत या ईरानी सरकार द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।

कौन है इस्माइल कानी?

67 वर्षीय क़ानी ने जनवरी 2020 में ईरान की विशेष सैन्य इकाई कुद्स फोर्स (Quds Force) की कमान संभाली थी। उनसे पहले इस बल का नेतृत्व कासिम सुलेमानी कर रहे थे, जिनकी बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में हत्या कर दी गई थी। कुद्स फोर्स ईरान की वह विशेष इकाई है जो मध्य-पूर्व में उसके सहयोगी संगठनों और नेटवर्क का संचालन करती है। उन्होंने 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध में भाग लिया था और दशकों तक IRGC में अपनी सेवाएँ दीं।

‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ को लगा बड़ा झटका

इस्माइल क़ानी के कार्यकाल के दौरान ईरान के सहयोगी नेटवर्क को कई बड़े झटके लगे हैं। हाल के वर्षों में कई प्रमुख नेताओं की हत्या हो चुकी है, जिनमें हिज़्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरुल्लाह, हमास चीफ इस्माइल हनियेह और हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी अमेरिका-इज़रायल के संयुक्त हमले में मारे गए हैं। इन घटनाओं के बाद ईरान के सुरक्षा ढांचे को गंभीर झटका लगा है।

कई हमलों में बचते रहे कानी

इस्माइल कानी पर शक इस बात से गहराया कि जिस बिल्डिंग पर हमले में खामेनेई समेत ईरानी सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हुई, उसमें इस्माइल कानी भी था लेकिन इस हमले में वह बच निकला। इससे पहले पिछले दो वर्षों में क़ानी कई बार ऐसे हमलों के करीब बताए गए जिनमें ईरान के वरिष्ठ अधिकारी मारे गए, लेकिन वे हर बार बच निकलने में सफल रहे। 2025 में ईरान-इज़रायल युद्ध के दौरान भी कुछ मीडिया रिपोर्टों में उन्हें मृत बताया गया था, लेकिन बाद में वे तेहरान में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई दिए।

सुरक्षा जांच भी हुई

इज़रायल द्वारा हिज़्बुल्लाह नेटवर्क में घुसपैठ के बाद ईरान ने अपने सुरक्षा तंत्र में संभावित लीक की जांच शुरू की थी। कुछ क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार उस समय क़ानी और उनकी टीम से भी पूछताछ की गई थी। इज़रायल ने हाल ही में उन ईरानी अधिकारियों की सूची जारी की थी जिन्हें वह निशाना बनाना चाहता था। रिपोर्टों के अनुसार उस सूची में क़ानी का नाम शामिल नहीं था। इस समय Esmail Qaani को लेकर जो खबरें सामने आ रही हैं, वे ज्यादातर अपुष्ट और सोशल मीडिया आधारित हैं। जब तक ईरान की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक उनके बारे में चल रही चर्चाओं को अटकल ही माना जा रहा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN