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यह इराक नहीं है… ईरान पर बढ़ते हमले के बीच US ने क्यों कही ऐसी बात; लंबी जंग पर क्या संकेत?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ जारी अभियान को इराक युद्ध से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अनंत युद्ध नहीं, बल्कि एक सीमित और निर्णायक सैन्य कार्रवाई है।

मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव पर अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि ईरान इराक नहीं है कि वहां युद्ध लंबे काल तक जारी रह सकेगा। उन्होंने सोमवार को ईरान पर बढ़ते हमले और मिडिल ईस्ट में US के पिछले हमलों के बीच तुलना को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन इराक जैसे किसी और दलदल में फंसने नहीं जा रहा है, बल्कि तेहरान की मिलिट्री ताकत और न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं को कुचलने के लिए एक निर्णायक अभियान चला रहा है।

US के हमले बढ़ने और हताहतों की संख्या बढ़ने पर उन्होंने कहा, “यह इराक नहीं है, यह कभी न खत्म होने वाला युद्ध नहीं है।” अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ जारी अभियान को इराक युद्ध से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह “अनंत युद्ध” नहीं, बल्कि एक सीमित और निर्णायक सैन्य कार्रवाई है। जब पीट हेगसेथ से पूछा गया कि ईरान पर U.S-इजरायली हमले कब तक होते रहेंगे तो उन्होंने ईरान पर हमले के लिए टाइमलाइन बताने से मना कर दिया और कहा कि मिलिट्री कैंपेन की लंबाई तय करना राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निर्भर है।

तेज और निर्णायक कार्रवाई का दावा

पेंटागन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए हेगसेथ ने कहा कि यह अभियान ईरान की सैन्य क्षमता को तेजी से कमजोर करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह इराक नहीं है, यह अंतहीन युद्ध नहीं है। हम सटीक, प्रभावी और बिना किसी माफी के कार्रवाई कर रहे हैं।” उनके अनुसार, हमले खास तौर पर ईरान की मिसाइल क्षमताओं, ड्रोन नेटवर्क, नौसैनिक ताकत और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बना रहे हैं, न कि किसी देश पर कब्ज़ा करने या शासन बदलने के उद्देश्य से।

परमाणु कार्यक्रम को बताया बड़ा खतरा

हेगसेथ ने आरोप लगाया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को छिपाने के लिए पारंपरिक सैन्य ताकत का इस्तेमाल कर रहा था। उनका कहना था कि बैलिस्टिक मिसाइलों और घातक ड्रोन का बढ़ता जखीरा वैश्विक सुरक्षा के लिए “असहनीय जोखिम” बन चुका था। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका का उद्देश्य शासन परिवर्तन (Regime Change) नहीं है लेकिन उन्होंने यह संकेत जरूर दिया कि इस कार्रवाई का प्रभाव ईरान की सत्ता संरचना पर पड़ सकता है। हेगसेथ ने विशेष रूप से इराक युद्ध से तुलना को खारिज करते हुए कहा कि यह अभियान सीमित दायरे में है और इसका लक्ष्य स्पष्ट है, ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को खत्म करना, न कि लंबे समय तक क्षेत्र में फंसना।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN