Source :- LIVE HINDUSTAN
कमांडर जबारी ने कहा कि तेहरान ने सिर्फ अपनी स्क्रैप मिसाइलें दागी हैं, जल्द ही अनदेखे और खतरनाक हथियार भी दिखाएगा। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के कई शहरों पर हमले किए थे, जिसके जवाब में तेहरान ने कई ठिकानों को निशाना बनाया।
इजरायल और अमेरिका ने शनिवार को ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर भयंकर हवाई हमले किए। इन हमलों में कई लोगों के मरने की जानकारी सामने आई है। हमलों के तुरंत बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कम से कम आठ उन देशों को निशाना बनाया, जहां पर अमेरिकी मिलिट्री के बेस बने हुए हैं। बहरीन, कतर, इजरायल, दुबई समेत कई ठिकानों पर ईरान ने ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। इसके बाद शाम को फिर से ईरान ने मिसाइल हमलों की नई लहर लॉन्च कर दी और ताबड़तोड़ कहर बरपाया। इन हमलों के बाद ईरान ने कहा है कि जो अभी दागी गई थीं, वह तो स्क्रैप मिसाइलें थीं, असली और खतरनाक हथियार जल्द दिखाए जाएंगे।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर जबारी ने कहा कि तेहरान ने सिर्फ अपनी स्क्रैप मिसाइलें दागी हैं, बल्कि जल्द ही अनदेखे और खतरनाक हथियार भी दिखाएगा। वहीं, इजरायली और अमेरिकी हमले में ईरान को बड़ा नुकसान हुआ है। ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद पाकपोर मारे गए हैं। रॉयटर्स न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। इन हमलों से मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से युद्ध शुरू हो गया है और तनाव चरम पर है।
ईरान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता परिवर्तन की बात कही है, जबकि ईरान ने ऐसा करने से मना कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सत्ता परिवर्तन के बारे में ट्रंप को भेजे अपने संदेश पर कहा, “यह मिशन इम्पॉसिबल है।” हालांकि, उन्होंने कहा कि वह तनाव कम करने में दिलचस्पी रखते हैं, लेकिन इस बारे में अभी तक कोई भी बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने दो टूक कहा कि पहले हमले रोके जाएं, तभी बातचीत के बारे में विचार किया जा सकता है।
हमला पूरी तरह गैरकानूनी और नाजायज
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि इजरायल और अमेरिका का उनके देश पर हमला पूरी तरह गैरकानूनी और नाजायज है। अराघची ने सोशल मीडिया पर अपने देश पर अमेरिकी हमले के बाबत लिखा, “नेतन्याहू और ट्रंप का ईरान पर युद्ध पूरी तरह से बिना उकसावे के, गैर-कानूनी और नाजायज है।” अराघची ने यह भी कहा “हमारी ताकतवर सेना उस दिन के लिए तैयार है और हमलावरों को वह सबक सिखाएगी जिसके वे हकदार हैं।” उनके संदेश में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के 2012 के एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट था जिसमें कहा गया था, अब जब ओबामा के पोल नंबर नीचे जा रहे हैं, तो देखें कि वह लीबिया या ईरान पर हमला करते हैं या नहीं। वह हताश हैं।
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