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खाना खाते ही टॉयलेट जाने की क्यों लगती है जरूरत? डॉक्टर ने बताई वजह

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Source :- LIVE HINDUSTAN

खाना खाते ही टॉयलेट जाने की तेज इच्छा होना कई लोगों के लिए आम लेकिन परेशान करने वाला अनुभव है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट बताते हैं कि इसके पीछे पाचन तंत्र की एक प्राकृतिक प्रक्रिया जिम्मेदार होती है। यहां जानें डॉक्टर की राय – 

कई लोगों को यह अनुभव होता है कि जैसे ही खाना खत्म किया, तुरंत टॉयलेट जाने की तेज इच्छा होने लगती है। ऐसे में दिमाग में यही सवाल आता है कि क्या शरीर ने खाना इतनी जल्दी पचा लिया? क्या यह पाचन से जुड़ी कोई गंभीर समस्या है? लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। इस भ्रम को दूर करते हैं अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट Dr Joseph Salhab, जो पाचन तंत्र, लिवर, पैंक्रियास और न्यूट्रिशन के विशेषज्ञ हैं।

डॉ. सलहाब के अनुसार, खाना खाते ही शौच जाने की इच्छा होना ज्यादातर मामलों में बीमारी नहीं, बल्कि शरीर की एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया होती है, जिसे गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स कहा जाता है।

Gastrocolic Reflex क्या होता है?

जब आप खाना खाते हैं, तो पेट में मौजूद नर्व्स और हार्मोन एक्टिव हो जाते हैं। इससे बड़ी आंत यानी कोलन में मूवमेंट बढ़ता है ताकि पहले से मौजूद स्टूल आगे बढ़ सके और नए खाने के लिए जगह बन सके। कुछ लोगों में यह रिफ्लेक्स ज्यादा स्ट्रॉन्ग होता है, इसलिए उन्हें खाना खत्म करते ही टॉयलेट जाने की जल्दी लगती है। डॉ. सलहाब बताते हैं कि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि खाना तुरंत पच गया। बल्कि स्टूल पहले से ही कोलन में मौजूद होता है और खाना सिर्फ उसकी मूवमेंट को ट्रिगर करता है। यही वजह है कि यह समस्या डरावनी लगने के बावजूद अक्सर सामान्य होती है।

कौन-सी चीजें इस रिफ्लेक्स को बढ़ा सकती हैं?

डॉ. सलहाब के मुताबिक कुछ ट्रिगर्स gastrocolic reflex को और तेज कर सकते हैं:

  • बहुत ज्यादा या भारी खाना
  • हाई-फैट मील
  • कैफीन (खासतौर पर कॉफी)
  • बहुत ठंडे ड्रिंक्स
  • स्पाइसी फूड
  • हाई-FODMAP फूड (संवेदनशील लोगों में)
  • तनाव और एंग्जायटी
  • स्मोकिंग या निकोटीन
  • आर्टिफिशियल स्वीटनर्स (जैसे सोर्बिटोल)

इस समस्या को कैसे मैनेज करें?

अगर आपको हर मील के बाद टॉयलेट जाने की जल्दी लगती है, तो ये टिप्स मदद कर सकती हैं:

  • छोटे और बार-बार मील लें
  • ज्यादा तला-भुना और फैटी खाना कम करें
  • धीरे-धीरे और ध्यान से खाना खाएं
  • तनाव कम करने के लिए ब्रीदिंग या रिलैक्सेशन अपनाएं
  • डाइट में soluble fiber शामिल करें
  • अपने पर्सनल फूड ट्रिगर्स पहचानें और उनसे बचें

कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?

डॉ. सलहाब चेतावनी देते हैं कि अगर यह समस्या बहुत ज्यादा दर्द के साथ हो, नींद से जगा दे, वजन तेजी से घटने लगे या मल में खून दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए अन्य डॉक्टर से मिल सकते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN