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आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ मिली हार के बाद भारतीय टीम ने ज़ोरदार वापसी की है.
गुरुवार को खेले गए सुपर-8 के दूसरे मुकाबले में भारत ने ज़िम्बाब्वे को 72 रन से हराया. भारत ने इस बड़ी जीत के साथ ही अपने नेट रनरेट में भी सुधार किया और खुद को सेमीफाइनल की रेस में मजबूती के साथ बनाए रखा है.
इस मैच से पहले तक भारत पर सेमीफाइनल की रेस से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था. लेकिन अब रविवार को खेला जाने वाला भारत और वेस्ट इंडीज़ का मुकाबला वर्चुअल क्वार्टर फाइनल बन गया है.
रविवार को भारत और वेस्ट इंडीज़ में से जो भी जीत दर्ज करने में कामयाब होगी वो ग्रुप वन से दक्षिण अफ्रीका के बाद सेमी फ़ाइनल में पहुंचने वाली टीम बन जाएगी.
हालांकि दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ 76 रन से करारी हार के बाद भारत ने कई गलतियों को सुधारा है. लेकिन अभी भी कुछ सवाल हैं जिनके जवाब मिलना बाकी है.
ओपनिंग जोड़ी में बदलाव
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मैच के बाद हॉटस्टार के शो पर क्रिकेट एक्सपर्ट्स इरफ़ान पठान और संजय बांगड़ ने टीम इंडिया की इस नई रणनीति का स्वागत किया.
इरफ़ान ने कहा, “मैं ये चाहता नहीं था कि ईशान किशन नंबर तीन पर खेलें. लेकिन ऑफ़ स्पिनर्स के ख़िलाफ़ भारत को टूर्नामेंट में परेशानी का सामना करना पड़ा है. भारत का ईशान की बजाय संजू से ओपन करवाने का दांव इस मैच में काम कर गया. ज़िम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रज़ा इस दांव से सरप्राइज हुए, इसलिए तो उन्होंने शुरुआत में किसी ऑफ़ स्पिनर को गेंदबाज़ी में नहीं आजमाया.”
वहीं संजय बांगड़ ने कहा, “असल में टीम इंडिया उस जगह पर वापस पहुंच गई है जहां गौतम गंभीर ने टी-20 टीम का कोच बनने के बाद शुरुआत की थी. वहीं से संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को ओपनिंग का जिम्मा मिला था. इसके बाद कई बदलाव हुए. लेकिन वो सब बदलाव काम नहीं कर पाए. भारतीय टीम ने अपनी गलती को सुधार लिया है.”
इरफ़ान पठान ने उम्मीद जताई है कि वर्ल्ड कप के बाकी सफ़र में टीम इंडिया अब इस कॉम्बिनेशन में बदलाव नहीं करेगी और आगे आने वाले मैचों में अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन ही ओपनिंग करते हुए नज़र आएंगे.
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टूर्नामेंट में अभी तक भारत के लिए अच्छी ओपनिंग पार्टनरशिप नहीं मिल पाना एक बड़ी समस्या बना हुआ था.
लेकिन ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ भारत ने अच्छे फॉर्म में चल रहे ईशान किशन की बजाय संजू सैमसन को ओपनिंग का जिम्मा दिया. इससे टीम को राइट हैंड-लेफ्ट हैंड का कॉम्बिनेशन मिल गया.
इससे पहले टॉप थ्री में तीनों बल्लेबाज़ों के लेफ्ट हैंडर होने की वजह से विरोधी टीमों को उनके ख़िलाफ़ रणनीति बनाने में ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा था.
भारत का ये दांव काम भी कर गया और इस जोड़ी ने 3.4 ओवर में ही पहले विकेट के लिए 48 रन जोड़ दिए. संजू सैमसन भले ही 24 रन बनाकर आउट हुए, पर उन्होंने बड़े स्कोर की नींव रख दी.
पिछले चार मैचों में 0,0,0 और 15 रन की पारी खेलने वाले अभिषेक शर्मा ज़िम्बाब्वे के गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ शुरुआत में हड़बड़ी नहीं दिखाई और शुरुआती दो-चार गेंद पर क्रीज पर टिकने की कोशिश की.
इसी के साथ अभिषेक शर्मा ने फॉर्म में जबरदस्त वापसी करते हुए 30 गेंद पर 55 रन की पारी खेली.
स्पिनर्स को बेहतर तरीके से हैंडल किया
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वर्ल्ड कप में अभी तक भारतीय बल्लेबाज़ों की सबसे बड़ी कमजोरी स्पिन को अच्छे से नहीं खेल पाना बनी हुई थी. इस मैच से पहले तक टूर्नामेंट में विरोधी टीमों के स्पिनर्स ने भारत के 19 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई थी.
इन 19 में से भी 12 विकेट विरोधी टीम के ऑफ़ स्पिनर्स के खाते में गए थे. लेकिन ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ भारतीय बल्लेबाज़ों ने अपनी इस कमजोरी पर काम किया.
ज़िम्बाब्वे ने भारत के चार विकेट लिए, जिनमें से महज एक ही स्पिनर के खाते में गया.
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैच के बाद कहा, “हम यहां आते हुए पीछे की चीजों को वहीं छोड़कर आए. हमारा पास हमारे वीडियो एनालिस्ट की बनाई हुई स्लाइड थी और हमने देखा कि पूरे साल में हमने क्या किया. हमें वो देखने के बाद काफी पॉजिटिविटी मिली. टॉप से लेकर नंबर छह तक हमारे सभी बल्लेबाज़ों ने योगदान दिया.”
सूर्यकुमार यादव की इस बात में उस गलती का भी जवाब था जो टीम इंडिया बीते मैचों में दोहरा रही थी. वो ये थी कि शुरुआत में जल्दी विकेट गिरने के बाद भारतीय बल्लेबाज़ों का दबाव में आ जाना और धीमी बल्लेबाज़ी करना.
लेकिन इस गलती को भारत ने सुधारा और ऐसा सुधारा की कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए. इस मैच में बल्लेबाज़ी के लिए उतरे भारत के सभी छह बैटर्स ने 150 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाए.
टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी टीम के टॉप छह बल्लेबाज़ों ने 150 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाए. इसी वजह से भारत ने टूर्नामेंट का सबसे बड़ा स्कोर भी बनाया. 20 ओवर में 256 रन भारत का वर्ल्ड कप में उच्च स्कोर भी है.
भारतीय बल्लेबाज़ों ने इस मैच में 17 छक्के भी लगाए जो भारत की ओर से टी20 वर्ल्ड कप में एक पारी में लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं.
मतलब ये हुआ कि भारत की बल्लेबाज़ी दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ हार की सबसे बड़ी वजह बनी थी, उसने अगले ही मैच में अच्छा कमबैक करके दिखाया है.
गेंदबाज़ी को लेकर सवाल कायम
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ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ मिली शानदार जीत में भी भारत की गेंदबाज़ी उसकी कमजोरी साबित हुई दिखी. ज़िम्बाब्वे की टीम ने 257 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 20 ओवर में छह विकेट गंवाकर 186 रन बनाए.
इस दौरान ज़िम्बाब्वे के ओपनर ब्रायन बेनेट 97 रन बनाकर नाबाद लौटे. ज़िम्बाब्वे के बल्लेबाज़ों ने भारतीय गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ 11 छक्के भी लगाए.
इस वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी टीमों को हराकर कमाल करने वाली ज़िम्बाब्वे लक्ष्य कम होने की स्थिति में भारत की कमजोर गेंदबाज़ी का फ़ायदा उठाकर उसे भी सरप्राइज कर सकती थी.
भारतीय गेंदबाज़ों के सामने शुरुआत में भले ही ज़िम्बाब्वे ने तेजी से रन नहीं बनाए. लेकिन भारत को पहला विकेट 6.2 ओवर के बाद जाकर मिला. भारतीय के स्पिनर्स ने बेहद निराशा किया.
वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने अपने चार-चार ओवर में 35-35 रन खर्च कर डाले और उनके हिस्से एक-एक विकेट ही आया.
छठे गेंदबाज़ के रूप में भारत ने शिवम दुबे को आजमाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने तो दो ओवर में ही 46 रन खर्च कर दिए.
हालांकि अर्शदीप सिंह ने चार ओवर में 25 रन देकर तीन विकेट लिए और भारत को बड़े अंतर से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी स्वीकार किया कि भारत की गेंदबाज़ी इस मैच में ज्यादा अच्छी नहीं रही.
उन्होंने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो हमें गेंदबाज़ी में और बेहतर करना चाहिए था. अंत में ये ठीक है कि हम जीत गए. लेकिन जब हम आगे बढ़ेंगे तो इस बात को ध्यान में रखेंगे.”
“वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ मैदान पर उतरते हुए हम इस बात पर काम करना होगा.”
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