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8वें वेतन आयोग में 2 इंक्रीमेंट और सैलरी पर 3.25 का फॉर्मूला होगा लागू?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी के ड्राफ्टिंग कमेटी स्तर की बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इनमें कर्मचारियों की सैलरी, अलाउंस और प्रमोशन से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। आइए जान लेते हैं डिटेल।

8th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। वैसे तो वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में 18 महीने से ज्यादा का समय लगेगा लेकिन कर्मचारियों के संगठन अलग-अलग तरह के डिमांड कर रहे हैं। ऐसी ही डिमांड को लेकर कल यानी 25 फरवरी 2026 को दिल्ली में एक अहम बैठक होने वाली है। यह बैठक नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी के ड्राफ्टिंग कमेटी स्तर पर होगी। बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इनमें कर्मचारियों की सैलरी, अलाउंस और प्रमोशन से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। आइए जान लेते हैं डिटेल।

बैठक के बाद क्या होगा?

ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक की अगुवाई शिव गोपाल मिश्रा करेंगे, जो अंतिम ज्ञापन तैयार कर उसे 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपेंगे। शिव गोपाल मिश्रा ने इस महीने की शुरुआत में समिति के सदस्यों को लिखे पत्र में कहा कि प्रस्तावों को अंतिम रूप देने के लिए सदस्य 25 फरवरी से एक सप्ताह तक दिल्ली में रुककर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

क्या है डिमांड?

इस बैठक में फिटमेंट फैक्टर और वेतन वृद्धि अहम मुद्दे होंगे। कर्मचारी संगठन ये चाहते हैं कि फिटमेंट फैक्टर को करीब 3.2 से 3.25 तक किया जाए। इसके अलावा इंक्रीमेट के मुद्दे पर भी चर्चा होगी। इसे मौजूदा 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत वार्षिक या साल में दो बार इंक्रीमेंट देने का प्रस्ताव भी रखे जाने का इरादा है। कर्मचारी संगठनों का यह भी कहना है कि रिटायरमेंट के समय मिलने वाली लीव एनकैशमेंट की सीमा 300 दिनों से बढ़ाकर 400 दिन की जानी चाहिए। इसके साथ ही बेसिक सैलरी की गणना में फैमिली यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 करने की मांग भी रखी जाएगी, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।

मेडिकल अलाउंस और LTC

वहीं, जिन स्थानों पर केंद्र सरकार हेल्थ स्कीम का अस्पताल नहीं है, वहां मिलने वाला 1000 रुपये का फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस बहुत कम है। इसे बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह करने की मांग की जा सकती है। इसके अलावा लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) को नकद रूप में देने की मांग भी उठेगी। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि कई कर्मचारियों की नौकरी की प्रकृति ऐसी होती है कि वे पहले से टिकट बुक नहीं कर पाते, इसलिए उन्हें नकद विकल्प मिलना चाहिए। सिफारिशों में 30 साल की सेवा में कम से कम पांच गारंटीड प्रमोशन, तकनीकी जरूरतों के लिए अतिरिक्त 10 प्रतिशत तत्व जोड़ना और बच्चों की शिक्षा भत्ता को पोस्ट ग्रेजुएशन तक बढ़ाना शामिल है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN