Home विश्व समाचार ईरान से युद्ध नहीं लड़ना चाहते अमेरिकी जनरल केन? रिपोर्टों पर भड़के...

ईरान से युद्ध नहीं लड़ना चाहते अमेरिकी जनरल केन? रिपोर्टों पर भड़के ट्रंप- हमें जीतना आता है

7
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

ट्रंप ने ईरान को परमाणु डील पर सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने जनरल डेनियल केन द्वारा युद्ध टालने की मीडिया रिपोर्ट्स को ‘फेक न्यूज’ बताते हुए खारिज किया और कहा कि अगर युद्ध हुआ तो अमेरिका आसानी से जीतेगा। पढ़ें मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की पूरी खबर।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का कड़ा खंडन किया है जिनमें यह दावा किया गया था कि जनरल डेनियल केन ने ईरान के साथ युद्ध के खिलाफ चेतावनी दी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है और अगर कोई सैन्य संघर्ष होता है, तो जीत अमेरिका की ही होगी।

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में ट्रंप ने इन खबरों को ‘100 प्रतिशत गलत’ करार दिया। ट्रंप ने बताया कि ‘फेक न्यूज मीडिया’ में चल रही खबरें झूठी हैं। उन्होंने कहा कि जनरल डेनियल केन अन्य लोगों की तरह युद्ध नहीं चाहते हैं। लेकिन, अगर सैन्य स्तर पर ईरान के खिलाफ जाने का निर्णय लिया जाता है, तो जनरल केन का मानना है कि इस युद्ध को आसानी से जीता जा सकता है। ट्रंप ने कहा कि जनरल डेनियल केन को ‘राजिन’ भी कहा जाता है।

ट्रंप ने कहा कि जनरल केन ने सीमित हमलों या ईरान पर कार्रवाई न करने जैसी कोई बात नहीं की है। उन्हें केवल एक ही बात पता है- कैसे जीतना है। अगर उन्हें आदेश दिया जाता है, तो वह सैन्य मोर्चे का नेतृत्व करेंगे। बता दें कि जॉन डैनियल केन शीर्ष अमेरिकी जनरल और वेंचर कैपिटलिस्ट हैं। वे 2025 से जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के 22वें चेयरमैन के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने 2021 से 2024 तक सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी में मिलिट्री मामलों के एसोसिएट डायरेक्टर के तौर पर काम किया।

ईरान को चेतावनी और परमाणु डील

ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते पर सहमत होने के लिए कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा- अंतिम निर्णय मैं ही लेता हूं। मैं चाहता हूं कि एक डील हो, लेकिन अगर हम कोई डील नहीं करते हैं तो यह उस देश और बहुत ही दुख की बात है कि वहां के लोगों के लिए एक बहुत बुरा दिन होगा। वे लोग महान और अद्भुत हैं और उनके साथ ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था।

ट्रंप की यह प्रतिक्रिया उन रिपोर्ट्स के बाद आई है जिनमें कहा गया था कि जनरल डेनियल केन ने राष्ट्रपति ट्रंप और वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों को आगाह किया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जोखिम भरा हो सकता है और अमेरिका एक लंबे संघर्ष में फंस सकता है।

मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना की हलचल

इस संभावित टकराव के बीच अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत लगातार बढ़ा रहा है, जिससे व्यापक युद्ध की चिंताएं तेज हो गई हैं। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अनुसार, पेंटागन के अधिकारियों ने कतर के ‘अल उदीद बेस’ से सैकड़ों सैनिकों को शिफ्ट किया है। बहरीन (नौसेना के 5वें बेड़े का मुख्यालय), इराक, सीरिया, कुवैत, सऊदी अरब, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर रणनीतिक और लॉजिस्टिक बदलाव देखे गए हैं।

अमेरिकी अधिकारियों को इस बात की गहरी आशंका है कि अगर पूर्ण युद्ध छिड़ता है, तो इस क्षेत्र में तैनात लगभग 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक ईरान के प्राथमिक निशाने पर हो सकते हैं। इन सैन्य तनावों के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के लिए गुरुवार को जिनेवा में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी मुलाकात होने की संभावना है। एक समझौते तक पहुंचने के उद्देश्य से दोनों देशों के बीच इस महीने पहले ही दो दौर की बातचीत हो चुकी है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN