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जब तक ट्रंप सत्ता में हैं अमेरिका मत जाओ; ब्रिटेन की एक महिला ने तो ICE के धागे खोल दिए

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Source :- LIVE HINDUSTAN

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में रहते हुए अमेरिका मत जाओ। ब्रिटेन की एक 65 वर्षीय महिला करेन न्यूटन ने ICE द्वारा अपनी और पति की 45 दिनों की भयानक हिरासत का दर्दनाक अनुभव साझा किया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में रहते हुए अमेरिका मत जाओ। ब्रिटेन की एक 65 वर्षीय महिला करेन न्यूटन ने ICE द्वारा अपनी और पति की 45 दिनों की भयानक हिरासत का दर्दनाक अनुभव साझा किया है। द गार्जियन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप के समय में अमेरिका जाना खतरनाक हो गया है। कोई जवाबदेही नहीं, कोई ठोस वजह की जरूरत नहीं, बस हिरासत में ले लिया जाता है। उन्होंने कहा कि उनका मामला बेहद हैरान करने वाला है क्योंकि उनके पास वैध ब्रिटिश पासपोर्ट और पर्यटक वीजा था। फिर भी, उनके पति का वीजा खत्म हो चुका था, इसलिए उन्हें ‘साथ होने के कारण दोषी’ ठहराया गया।

65 साल की करेन और उनके 67 साल के पति बिल ने अमेरिका में यात्रा की योजना बनाई थी। कैलिफोर्निया, नेवादा, व्योमिंग और मोंटाना घूमते हुए वे दो महीने बाद कनाडा जाने वाले थे। करेन के पास पूरी तरह कानूनी पर्यटक दस्तावेज थे, लेकिन बिल का वीजा ओवरस्टे हो गया था। बॉर्डर पर दोनों को साथ ही हिरासत में ले लिया गया। सुबह 10:30 बजे से शाम तक कई घंटे एक ऑफिस में बंद रखा गया। करेन को बताया गया कि वे ‘साथ होने के कारण दोषी’ हैं। उन्होंने अपने वैध B2 पर्यटक वीजा की शर्तें तोड़ीं क्योंकि उन्होंने पति को सामान पैक करने में मदद की थी। करेन ने कहा कि मुझे हिरासत में लेने का कोई कारण नहीं था। बिल बालिग है, मैं उसके लिए जिम्मेदार क्यों? उसने बताया कि अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़ दिया। पूरी रात सुरक्षित हिरासत कक्ष के फर्श पर सोना पड़ा, फिर 12 घंटे की यात्रा कर टैकोमा के नॉर्थवेस्ट ICE प्रोसेसिंग सेंटर ले जाया गया।

उसने कहा कि पहले तीन दिनों में उन्हें स्वैच्छिक स्व-निष्कासन ( Voluntary Self Removal) पर साइन करने के लिए कहा गया, जिसमें अमेरिका सरकार के खर्चे पर ब्रिटेन लौटना था, 1000 डॉलर मिलते, लेकिन 10 साल तक अमेरिका में दोबारा एंट्री पर रोक लग जाती। साइन करने के बाद भी उन्हें घर नहीं भेजा गया, बल्कि अगले 39 दिनों तक हिरासत में रखा गया। कुल 45 दिन। करेन ने बार-बार पूछा कि वैध दस्तावेज होने पर भी क्यों रोके जा रहे हैं। कई गार्डों ने बताया कि हिरासत केंद्रों पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को रखने का दबाव है।

आगे बताईं कि केंद्र जेल जैसा था। दरवाजे बंद, हर जगह पहरेदार, सब कुछ जमीन से जकड़ा हुआ। ऊपरी बंक पर चढ़ने में दिक्कत होने पर फर्श पर सोना पड़ा। करेन ने कहा कि ये जेल जैसा ही है, बल्कि जेल में तो सजा बताते हैं कि कितने दिन रहना है। यहां कुछ नहीं। आखिरकार अचानक रिहा कर दिया गया, बिना ज्यादा स्पष्टीकरण के। करेन ने कहा कि मेरे रिकॉर्ड में पार्किंग टिकट तक का कोई केस नहीं। मैं कोई खतरनाक अपराधी नहीं हूं। मैंने अवैध रूप से एंट्री नहीं की, सब जरूरी दस्तावेज थे। अब करेन की सलाह है कि ट्रंप के समय में अमेरिका मत जाओ, ये सब बिल्कुल अनियंत्रित हो गया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN