Source :- LIVE HINDUSTAN
होर्मुज जलडमरूमध्य में भी तनाव बढ़ सकता है। ईरान समुद्री सुरंगें बिछा सकता है या जहाजों की आवाजाही में बाधा डाल सकता है। दुनिया की करीब पांचवां हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। किसी भी रुकावट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा।
US Iran War: अमेरिका अब किसी भी पल ईरान पर हमला कर सकता है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका की सैन्य तैनाती और ईरान की तैयारियों को देखकर रिपोर्ट्स में इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इस हफ्ते के अंत तक पूरी संभावना है कि अमेरिका पूरी शक्ति से ईरान पर हमला करेगा। इस बीच ईरान ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका अपनी सैन्य धमकियों पर अमल करता है, तो अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों पर ईरानी हमले ‘वैध’ होंगे।
ईरान का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई उस धमकी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने परमाणु मुद्दे पर अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए ‘अधिकतम 10-15 दिन’ का समय दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अगर दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रहते हैं, तो ‘बुरी चीजें’ होंगी। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरवानी ने पत्र में कहा कि ईरान किसी भी हमले का ‘निर्णायक’ जवाब देगा। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में सैन्य आक्रामकता के गंभीर परिणामों की चेतावनी भी दी है। इसके बाद अब जंग छिड़ने की आशंका गहरा गई है। ऐसी स्थिति में पूरा क्षेत्र हिल सकता है।
क्या है संभावनाएं?
विशेषज्ञों के मुताबिक एक संभावना यह है कि अमेरिका ईरान पर सिर्फ सीमित हवाई और समुद्री हमले करे। इन हमलों में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े ठिकाने, मिसाइल साइट और उसके परमाणु कार्यक्रम के हिस्से निशाने पर हो सकते हैं। इस हालात में ईरानी नेतृत्व कमजोर पड़ सकता है और अंततः सत्ता परिवर्तन की राह खुल सकती है। हालांकि इराक और लीबिया में पश्चिमी दखल के बाद वहां लंबे समय तक अस्थिरता देखने को मिली थी, इसलिए यह रास्ता जोखिम भरा माना जा रहा है।
सैन्य दबाव में नीतियों में बदलाव करेगा ईरान?
दूसरी संभावना यह है कि नेतृत्व बना रहे, लेकिन सैन्य दबाव के बाद अपनी नीतियों में बदलाव करे। इसमें क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को समर्थन कम करना, मिसाइल और परमाणु गतिविधियां सीमित करना और घरेलू सख्ती में ढील देना शामिल हो सकता है। कुछ विश्लेषकों ने इसे “वेनेजुएला मॉडल” जैसा बताया है, जहां बाहरी दबाव से शासन तो नहीं गिरा, लेकिन सीमित बदलाव हुए हैं। हालांकि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई दशकों से बदलाव के दबाव का सामना करते आए हैं, इसलिए बड़े सुधार की संभावना कम मानी जा रही है।
ईरान में सैन्य नेतृत्व?
अगर हमले से व्यवस्था कमजोर होती है और जनता का आंदोलन सत्ता नहीं संभाल पाता, तो ईरानी सुरक्षा बल भी आगे आ सकते हैं। रिवोल्यूशनरी गार्ड की राजनीति और कारोबार में मजबूत पकड़ है। ऐसे में सैन्य नेतृत्व वाली सरकार उभर सकती है। अब तक विरोध प्रदर्शनों से सत्ता में बड़े स्तर पर टूट नहीं आई है और सरकार ने बल प्रयोग कर नियंत्रण बनाए रखा है।
ईरान के निशाने पर अमेरिकी बेस
दूसरी तरफ ईरान भी पूरी तैयारी में है। ईरान ने साफ कहा है कि वह किसी भी अमेरिकी हमले का करारा जवाब देगा। उसने चेतावनी दी है कि उसकी उंगलियां ट्रिगर पर ही हैं। ईरान खाड़ी में स्थित अमेरिकी ठिकानों जैसे बहरीन और कतर, पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला कर सकता है। वह इजरायल या जॉर्डन जैसे देशों को भी निशाना बना सकता है, जिन्हें वह अमेरिका का समर्थक मानता है। इससे पूरे क्षेत्र में तबाही की आशंका है। खाड़ी देश भी इसे लेकर चिंतित हैं।
कच्चे तेल पर आएगा संकट
हमले से होर्मुज जलडमरूमध्य में भी तनाव बढ़ सकता है। ईरान समुद्री सुरंगें बिछा सकता है या जहाजों की आवाजाही में बाधा डाल सकता है। बता दें कि दुनिया की करीब पांचवां हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। किसी भी रुकावट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा। हालांकि ऐसा कदम ईरान की अपनी अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा सकता है, जो तेल निर्यात पर निर्भर है। नौसैनिक टकराव का खतरा भी बना रहेगा। पहले अमेरिकी नौसेना अधिकारियों ने “स्वार्म अटैक” की आशंका जताई थी, जिसमें ड्रोन और तेज नावें एक साथ जहाज को निशाना बनाती हैं। अगर किसी अमेरिकी युद्धपोत को नुकसान पहुंचता है, तो तनाव तेजी से बढ़ सकता है।
खत्म हो सकता है खामेनेई का शासन
एक अन्य संभावना यह है कि ईरान में खामेनेई की सत्ता गिर जाए। करीब 9.3 करोड़ आबादी वाले ईरान में आंतरिक संघर्ष बढ़ सकता है। कुर्द, बलूच और अजरबैजानी जैसे जातीय समूह सत्ता शून्य की स्थिति में अपने क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए आगे आ सकते हैं। पड़ोसी देश अस्थिरता और संभावित शरणार्थी संकट को लेकर चिंतित हैं।
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