Home व्यापार समाचार कारोबार को बांट रही सरकारी कंपनी, दिसंबर तक IPO लाने का है...

कारोबार को बांट रही सरकारी कंपनी, दिसंबर तक IPO लाने का है प्लान

8
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

MSEDCL के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र ने कहा- हम महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी के लिए दिसंबर तक आईपीओ लाने का लक्ष्य रख रहे हैं और उससे पहले हम अपने कृषि व्यवसाय को अलग करेंगे, जिसे हम अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखते हैं।

MSEDCL IPO News: आईपीओ लॉन्च करने से पहले सरकार की महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी (MSEDCL) ने अपने कारोबार को लेकर एक अहम ऐलान किया है। कंपनी ने अपने एग्री डिपार्टमेंट को अप्रैल तक अलग करने की योजना बनाई है। बता दें कि दिसंबर में कंपनी का आईपीओ आने वाला है। इस लिहाज से डीमर्जर का कदम काफी अहम है।

क्या कहा कंपनी ने?

MSEDCL के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि हम महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी के लिए दिसंबर तक आईपीओ लाने का लक्ष्य रख रहे हैं और उससे पहले हम अपने कृषि व्यवसाय को अलग करेंगे, जिसे हम अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखते हैं। लोकेश चंद्र ने कहा कि कृषि कैटेगरी को एक अलग कंपनी के रूप में बनाया जाएगा, न कि सहायक कंपनी के रूप में। इससे यह सुनिश्चित होगा कि इसकी देनदारियां मुख्य वितरण कंपनी की बैलेंस शीट पर न रहें। उन्होंने बताया कि MSEDCL पर कुल मिलाकर लगभग 96,000 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसमें से लगभग 76,000 करोड़ रुपये कृषि उपभोग से संबंधित बकाया हैं।

₹20,000 करोड़ का कर्ज

बता दें कि अप्रैल में हुए विभाजन के बाद शेष इकाई पर लगभग ₹20,000 करोड़ का कर्ज बना रहेगा। विभाजन के बाद, कंपनी आईपीओ प्रक्रिया शुरू करने से पहले बैलेंस शीट को साफ करेगी और ऋण पुनर्गठन करेगी। चंद्र ने बताया कि लिस्टिंग इस साल दिसंबर तक पूरी होने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सरकार आईपीओ के माध्यम से कंपनी में 10 प्रतिशत तक हिस्सेदारी कम करने की योजना बना रही है। वहीं, आईपीओ से प्राप्त रकम का उपयोग ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर में कैपिटल एक्सपेंडेचर के लिए किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दिसंबर में कही थी ये बात

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिसंबर 2025 में MSEDCL सहित ऊर्जा कंपनियों और उनकी जनरेशन एवं ट्रांसमिशन ब्रांचेज को सूचीबद्ध करने की राज्य की मंशा की घोषणा की थी। उन्होंने संकेत दिया था कि यह प्रक्रिया 2026 में ट्रांसमिशन कंपनी की लिस्टिंग के साथ शुरू होगी। चंद्र ने कहा कि कृषि संबंधी बकाया राशि के समाधान के लिए राज्य सरकार के साथ बातचीत चल रही है।

एक बार समाधान हो जाने पर, पुनर्गठन से वित्तीय स्थिति मजबूत होने और लिस्टिंग के समय मूल्यांकन की संभावनाओं में सुधार होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी को वर्तमान में लगभग 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 52 प्रतिशत करने के लिए अपनी संसाधन पर्याप्तता और बिजली खरीद योजना को फिर से तैयार किया है। इसके साथ ही सोलर, विंड और स्टोरेज कैपिसिटी के बीच सावधानीपूर्वक संतुलन बनाए रखा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN