Source :- LIVE HINDUSTAN
Vijay Kedia Portfolio Stock: जब भी दिग्गज निवेशक विजय केडिया किसी शेयर में एंट्री लेते हैं, बाजार की नजरें अपने आप उस स्टॉक पर टिक जाती हैं।
Vijay Kedia Portfolio Stock: जब भी दिग्गज निवेशक विजय केडिया किसी शेयर में एंट्री लेते हैं, बाजार की नजरें अपने आप उस स्टॉक पर टिक जाती हैं। इस बार उन्होंने बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड माइक्रोकैप कंपनी सैट्रिक्स इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी लिमिटेड में 8% हिस्सेदारी खरीदी है। खास बात यह है कि यह खरीद ऐसे समय पर हुई है जब शेयर अपने ऑल-टाइम हाई के करीब ट्रेड कर रहा है। कंपनी के शेयर आज 443 रुपये पर आ गए। इसमें 4 पर्सेंट तक की तेजी थी। केडिया अपने “SMILE” फॉर्मूले – आकार में छोटा, अनुभव में मध्यम, आकांक्षाओं में विशाल– के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में ऊंचे दाम पर एंट्री को बाजार उनके बड़े भरोसे के संकेत के तौर पर देख रहा है, खासकर तब जब मिडकैप वैल्यूएशन को लेकर पहले से ही बहस छिड़ी हुई है।
क्या है डिटेल
हालांकि, एसएमई शेयरों में निवेश जोखिम से खाली नहीं होता। कम लिक्विडिटी, फिक्स्ड लॉट साइज और सीमित रिपोर्टिंग जैसे कारणों से रिटेल निवेशक अक्सर फंस जाते हैं। सैट्रिक्स इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी लिमिटेड की बात करें तो कंपनी साइबर सिक्योरिटी और इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी सेवाएं देती है और भारत के साथ-साथ अमेरिका और यूएई में भी काम करती है। कंपनी का मार्केट कैप करीब 292 करोड़ रुपये है। वित्तीय प्रदर्शन देखें तो FY21 में 21 करोड़ रुपये की बिक्री FY25 में बढ़कर 45 करोड़ रुपये हो गई। नेट प्रॉफिट भी 1.94 करोड़ से बढ़कर 4.05 करोड़ रुपये पहुंचा है। ROCE 24% है और कर्ज बेहद कम है। लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन 51 के पी/ई पर है, जो इंडस्ट्री औसत से काफी ज्यादा है।
दिलचस्प बात यह है कि केडिया ने यह हिस्सेदारी 347 रुपये प्रति शेयर के भाव पर प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए ली, जबकि बाजार भाव 400 रुपये से ऊपर है। यह डील कैश की बजाय शेयर स्वैप के जरिए हुई, जो कंपनी के एक रणनीतिक अधिग्रहण से जुड़ी है। लिस्टिंग के बाद से शेयर करीब 150 रुपये से बढ़कर 425 रुपये तक पहुंच चुका है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह हाई ग्रोथ साइबर सिक्योरिटी सेक्टर का प्रीमियम है या फिर एसएमई जोश का असर?
इस शेयर में निवेश
केडिया के पोर्टफोलियो में एक और पुराना एसएमई स्टॉक है – इनोवेटर्स फेकेड सिस्टम्स लिमिटेड । वे 2018 से इस कंपनी में निवेशित हैं और फिलहाल करीब 10.7% हिस्सेदारी रखते हैं। यह कंपनी बिल्डिंग फसाड डिजाइन और इंस्टॉलेशन का काम करती है। FY20 में 8 करोड़ रुपये के नुकसान से FY25 में 16 करोड़ रुपये के मुनाफे तक का सफर कंपनी ने तय किया है। पिछले तीन साल में मुनाफे में तेज उछाल दिखा है। शेयर 2021 में 43 रुपये के आसपास था, जो अब 169 रुपये तक पहुंच चुका है, हालांकि यह अपने 295 रुपये के ऑल-टाइम हाई से नीचे है। मौजूदा पी/ई 25 के आसपास है, जो इंडस्ट्री औसत से थोड़ा कम है।
कुल मिलाकर, केडिया की रणनीति दो अलग कहानियां दिखाती है – एक हाई ग्रोथ, हाई वैल्यूएशन साइबर सिक्योरिटी प्ले और दूसरी टर्नअराउंड स्टोरी वाली इंजीनियरिंग कंपनी। एसएमई शेयरों में मुनाफा बड़ा हो सकता है, लेकिन निकलने का रास्ता अक्सर संकरा होता है। ऐसे में निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे सिर्फ बड़े नाम देखकर फैसला न लें, बल्कि कंपनी की बुनियादी मजबूती और जोखिम दोनों को समझकर ही कदम बढ़ाएं।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



