Home व्यापार समाचार ओला के मालिक की गिरफ्तारी पर रोक, शेयर खरीदने की लूट, अब...

ओला के मालिक की गिरफ्तारी पर रोक, शेयर खरीदने की लूट, अब भी ₹30 से नीचे है भाव

18
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

Ola Electric share price: ट्रेडिंग के दौरान ओला के शेयर में 3 पर्सेंट से ज्यादा उछाल आया और भाव 29.35 रुपये तक पहुंच गया। बता दें कि बीते 17 फरवरी को ही शेयर ने 27.36 रुपये के ऑल टाइम लो को टच किया था।

Ola Electric share price: सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के शेयर को खरीदने की होड़ सी मच गई। शेयर में अचानक यह तेजी कंपनी से जुड़ी एक पॉजिटिव खबर की वजह से आई। दरअसल, कंपनी के मालिक भाविश अग्रवाल की गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। यही वजह है कि शेयर पर निवेशक टूट पड़े।

बुधवार को शेयर का हाल

ट्रेडिंग के दौरान ओला के शेयर में 3 पर्सेंट से ज्यादा उछाल आया और भाव 29.35 रुपये तक पहुंच गया। बता दें कि बीते 17 फरवरी को ही शेयर ने 27.36 रुपये के ऑल टाइम लो को टच किया था। इस लिहाज से शेयर अब रिकवरी मोड में आ गया है। हालांकि, इसके आईपीओ का इश्यू प्राइस 76 रुपये प्रति शेयर था। इस लिहाज से शेयर 60 प्रतिशत से अधिक गिर गया है और अगस्त 2024 में अपनी शुरुआत के बाद हासिल किए गए इसके सर्वकालिक उच्च स्तर 157.40 रुपये प्रति शेयर से लगभग 80 प्रतिशत डिस्काउंट पर है।

क्या है गिरफ्तारी का मामला?

दरअसल, बॉम्बे हाई कोर्ट ने दक्षिण गोवा के जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा कंपनी के सीईओ भाविश अग्रवाल के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि उच्च न्यायालय ने यह भी पाया कि वारंट जारी करते समय जिला उपभोक्ता आयोग ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया था। भाविश अग्रवाल को नोटिस दिए जाने के बावजूद आयोग के समक्ष पेश न होने पर वारंट जारी किया गया। यह मामला प्रितेश चंद्रकांत घड़ी द्वारा ओला एस1 प्रो सेकंड जेनरेशन स्कूटर में आई समस्याओं के संबंध में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। ये समस्या मरम्मत के बाद भी बनी रहीं। शिकायतकर्ता ने 1.47 लाख रुपये की वापसी के साथ-साथ उत्पीड़न और मानसिक पीड़ा के लिए 50,000 रुपये की मांग की है।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

ओला इलेक्ट्रिक ने 13 फरवरी को वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। इस तिमाही में कंपनी ने परिचालन से राजस्व 470 करोड़ रुपये बताया। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में दर्ज किए गए 1,045 करोड़ रुपये के परिचालन राजस्व की तुलना में 55 प्रतिशत की वार्षिक गिरावट दर्शाता है। हालांकि, दिसंबर तिमाही में घाटा घटकर 487 करोड़ रुपये रह गया जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 564 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में डिलीवरी में 61 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 32,680 यूनिट्स रह गई जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 84,029 यूनिट्स थी।

20 रुपये तक आएगा भाव?

हाल ही में ब्रोकरेज कोटक सिक्योरिटीज ने ओला इलेक्ट्रिक के शेयर को ‘बेचने’ की सलाह दी है और इसका टारगेट प्राइस 20 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक ओला इलेक्ट्रिक के नतीजे उम्मीदों से कम रहे और बिक्री में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। कंपनी पहले से ही दबाव में है और आगे चलकर उसे गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN