Source :- LIVE HINDUSTAN
आईटीसी के शेयर की कीमत में लगातार तीसरे दिन तेजी आई। वहीं, गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में 13% से अधिक की तेजी आई और यह ₹2315 तक पहुंच गया। एक अन्य सिगरेट निर्माता कंपनी वीएसटी इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत में भी 3 पर्सेंट से ज्यादा का उछाल आया है।
सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को सिगरेट निर्माता कंपनी- आईटीसी लिमिटेड, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया और वीएसटी इंडस्ट्रीज के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई। यह तेजी उस मीडिया रिपोर्ट के बाद आई है जिसमें बताया गया है कि इन कंपनियों ने उत्पाद शुल्क में वृद्धि के प्रभाव को कम करने के लिए सिगरेट के दाम बढ़ाए हैं।
किस शेयर के क्या हाल?
आईटीसी के शेयर की कीमत में लगातार तीसरे दिन तेजी आई और आज यह करीब डेढ़ पर्सेंट बढ़कर ₹330 पर पहुंच गया। वहीं, गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में 13% से अधिक की तेजी आई और यह ₹2315 तक पहुंच गया। एक अन्य सिगरेट निर्माता कंपनी वीएसटी इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत में भी 3 पर्सेंट से ज्यादा का उछाल आया है। बता दें कि पिछले महीने, सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में भारी वृद्धि के बाद मार्जिन और वॉल्यूम को लेकर चिंताएं बढ़ने के कारण सिगरेट निर्माता कंपनियों के शेयरों में 9% से 26% तक की गिरावट आई थी।
सिगरेट के शेयरों में तेजी क्यों आ रही है?
एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट में, बीएंडके सिक्योरिटीज और इनक्रेड के विश्लेषकों के हवाले से कहा गया है कि आईटीसी ने उत्पाद शुल्क में वृद्धि के परिचालन आय पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए कुछ कैटेगरी में सिगरेट की कीमतें बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक गोल्ड फ्लेक और क्लासिक (प्रीमियम) की कीमतों में 41% की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा, क्लासिक कनेक्ट (स्लिम) की कीमतों में 20% की और गोल्ड फ्लेक सुपरस्टार (वैल्यू) की कीमतों में लगभग 19% की बढ़ोतरी की गई है।
बीएंडके सिक्योरिटीज के अनुसार आईटीसी, किंग साइज ब्रांडों पर उत्पाद शुल्क के प्रभाव को कम करने के लिए 74 एमएम कैटेगरी में अधिक मूल्य वृद्धि के साथ और उत्पाद लॉन्च कर सकता है। हालांकि, इस तरह की वृद्धि से बिक्री की मात्रा पर थोड़ा अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है लेकिन कुल मुनाफे में गिरावट को कम किया जा सकता है। वहीं, मुख्य रूप से 69 एमएम आरएसएफटी (रेगुलर साइज फिल्टर-टिप्ड) कैटेगरी के कुछ ब्रांडों की घोषणा अभी बाकी है।
एक फरवरी से बदले हैं नियम
बता दें कि बीते एक फरवरी से पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर के साथ-साथ सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर 40 प्रतिशत की उच्चतम जीएसटी दर के ऊपर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू हो गया है। ये उपकर और उत्पाद शुल्क इन हानिकारक वस्तुओं पर एक जुलाई 2017 से लागू 28 प्रतिशत जीएसटी और क्षतिपूर्ति उपकर का स्थान लेंगे। इसके अलावा, एक फरवरी से तंबाकू उत्पादों (चबाने वाला तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा युक्त सुगंधित तंबाकू और गुटखा) के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) आधारित मूल्यांकन की नई व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत जीएसटी का निर्धारण पैकेट पर घोषित खुदरा बिक्री मूल्य के आधार पर किया जाएगा।
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