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बिकवाली मोड में है अडानी का यह शेयर, ब्रोकरेज का अनुमान- 640 रुपये तक जाएगा भाव

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Source :- LIVE HINDUSTAN

शेयर के 52 हफ्ते का हाई 625 रुपये है। हालांकि, टारगेट प्राइस पहले 667 रुपये था, जिसे घटाकर 640 रुपये कर दिया गया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि अंबुजा का वॉल्यूम और EBITDA FY25-28E में क्रमशः 13% और 25% CAGR से बढ़ेगा।

बीते शुक्रवार को शेयर बाजार में गिरावट के बीच अडानी समूह की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स के शेयर भी बिकवाली मोड में नजर आए। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर 2.58% टूटकर 519.30 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, इस शेयर को लेकर एक्सपर्ट बुलिश हैं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

ब्रोकरेज प्रभुदास लीलाधर ने शेयर खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज को अनुमान है कि शेयर 640 रुपये तक जाएगा। बता दें कि शेयर के 52 हफ्ते का हाई 625 रुपये है। हालांकि, टारगेट प्राइस पहले 667 रुपये था, जिसे घटाकर 640 रुपये कर दिया गया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि अंबुजा का वॉल्यूम और EBITDA FY25-28E में क्रमशः 13% और 25% CAGR से बढ़ेगा।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

अडानी समूह की कंपनी अंबुजा सीमेंट लिमिटेड का वित्त वर्ष 2025-26 की दिसंबर तिमाही का मुनाफा 86.21 प्रतिशत घटकर 366.97 करोड़ रहा है। इसका कारण पिछले साल की इसी तिमाही में कर लाभ के कारण ऊंचा आधार होना था। अंबुजा सीमेंट लिमिटेड (एसीएल) ने पिछले वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 2,662.97 करोड़ का मुनाफा अर्जित किया था। अंबुजा सीमेंट लिमिटेड को अपनी अनुषंगी इकाई एसीसी के साथ उच्च न्यायालय से एक अनुकूल आदेश मिला, जिसके बाद उन्होंने वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में अपनी कर देनदारियों का पुनर्मूल्यांकन किया।

एसीएल और एसीसी के खातों में क्रमशः 1,179.71 करोड़ और 516.84 करोड़ की राशि दर्ज की गई। बीते दिनों कंपनी ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा एसीएल को पांच अगस्त, 2024 को आयकर आयुक्त (अपील) से अनुकूल फैसला मिलने के बाद 203.17 करोड़ की नकदी वापसी और 25.60 करोड़ का ब्याज भी मिला। वित्त वर्ष 2025-26 की दिसंबर तिमाही में एसीएल का एकीकृत परिचालन राजस्व 10,180.52 करोड़ था, जो एक साल पहले दर्ज 8,498.10 करोड़ से 19.8 प्रतिशत अधिक है।

क्या है कंपनी का लक्ष्य

अंबुजा सीमेंट के पूर्ण कालिक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद भाटिया के मुताबिक तीसरी तिमाही में कंपनी ने तिमाही बिक्री का नया रिकॉर्ड बनाया। प्रीमियम सीमेंट की बिक्री बढ़ी है जिससे प्रदर्शन बेहतर हुआ है। उन्होंने बताया कि कंपनी लागत, विशेष कर बिजली पर होने वाले व्यय को कम करने पर काम कर रही है। साथ ही हरित ऊर्जा का इस्तेमाल और ईंधन की दक्षता बढ़ाने पर भी काम कर रही है। कंपनी ने साल 2028 तक प्रति टन लागत घटाकर 3,650 रुपये पर लाने का लक्ष्य रखा है। बता दें कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर लागत में दो प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है। तिमाही के दौरान कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 16.6 प्रतिशत रही। प्रीमियम सीमेंट कैटेगरी में बाजार हिस्सेदारी 35 प्रतिशत दर्ज की गई।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN