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बांग्लादेश में नहीं दोयम दर्जे के नागरिक; वोटिंग से पहले हिन्दुओं और भारत संबंधों पर जमात प्रमुख की बड़ी बात

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Source :- LIVE HINDUSTAN

संक्षेप:

जमात-ए-इस्लामी पार्टी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने बुधवार को कहा कि बांग्लादेश में हर कोई प्रथम श्रेणी का नागरिक है। रहमान ने कहा कि उनका धर्म चाहे जो भी हो, वे सभी बांग्लादेशी नागरिक हैं। मेरे देश में कोई भी दूसरे दर्जे का नागरिक नहीं है। मैं किसी को भी अल्पसंख्यक नहीं मानता।

बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। शेख हसीना के युग के बाद पहली बार हो रहे इन चुनावों में जमात-ए-इस्लामी पार्टी प्रमुख डॉ. शफीकुर रहमान ने अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं की सुरक्षा और समानता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हर व्यक्ति ‘प्रथम श्रेणी का नागरिक’ है, कोई दूसरा दर्जा नहीं, न अल्पसंख्यक-बहुसंख्यक का भेद। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ महीनों में हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे अल्पसंख्यकों में चिंता है। रहमान ने भारत को ‘निकटतम पड़ोसी’ बताते हुए अच्छे संबंधों की प्राथमिकता जताई, लेकिन प्रधानमंत्री बनने की संभावना पर सवाल के जवाब में उन्होंने रहस्यमयी अंदाज में कहा कि मुझे नहीं पताऔर ऊपर की ओर इशारा किया।

रहमान ने क्या कहा?

जमात-ए-इस्लामी पार्टी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने बुधवार को कहा कि बांग्लादेश में हर कोई ‘प्रथम श्रेणी का नागरिक’ है। रहमान ने कहा कि उनका धर्म चाहे जो भी हो, वे सभी बांग्लादेशी नागरिक हैं। मेरे देश में कोई भी दूसरे दर्जे का नागरिक नहीं है। मैं किसी को भी अल्पसंख्यक नहीं मानता। हम सब बांग्लादेशी हैं, और हर कोई प्रथम श्रेणी का नागरिक है। हम अल्पसंख्यक या बहुसंख्यक के आधार पर विभाजन का समर्थन नहीं करते।

वहीं, बांग्लादेश और भारत के संबंधों पर जमात नेता ने कहा कि भारत उनकी प्राथमिकता बना रहेगा क्योंकि वह ‘निकटतम पड़ोसी’ है। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने यह टिप्पणी की। जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या वे खुद को बांग्लादेश का प्रधानमंत्री मानते हैं, तो रहमान ने कहा कि मुझे नहीं पता। इसके बाद उन्होंने ऊपर की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि इसका फैसला देश के समग्र माहौल के आधार पर होगा। इसमें कई हितधारक शामिल हैं। बांग्लादेश में हो रहे चुनावों पर अपनी राय पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आज निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों के सवाल का जवाब देना अपरिपक्वता होगी।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले

दिसंबर 2025 में बांग्लादेश में छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद से हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों के कई मामले सामने आए। इसकी शुरुआत भालुका, मयमनसिंह में एक कपड़ा कारखाने में काम करने वाले दीपू चंद्र दास की कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर आग लगाने से हुई। उनकी मौत की व्यापक रूप से निंदा की गई और मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने कहा कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

बांग्लादेश के ढाका के बाहरी इलाके नरसिंगदी में 6 जनवरी को एक अन्य हिंदू व्यक्ति, जो एक किराना दुकान का मालिक था, पर धारदार हथियारों से हमला किया गया, जिसके बाद उसकी कथित तौर पर हत्या कर दी गई। वहीं, सोमवार (9 फरवरी) को चुनाव से ठीक पहले मयमनसिंह में एक हिंदू व्यापारी की हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 62 वर्षीय सुसेन चंद्र सरकार के रूप में हुई है, जो चावल व्यापारी थे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN