Home राष्ट्रीय समाचार शाहिद अफ़रीदी और मोहम्मद यूसुफ़ समेत पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने भारत से...

शाहिद अफ़रीदी और मोहम्मद यूसुफ़ समेत पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने भारत से मैच खेलने पर क्या कहा?

13
0

Source :- BBC INDIA

शाहिद अफ़रीदी

इमेज स्रोत, Chris Hyde-ICC/ICC via Getty Images

10 फ़रवरी 2026

अपडेटेड 3 घंटे पहले

पढ़ने का समय: 6 मिनट

टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के ख़िलाफ़ मैच के बायकॉट का जो फ़ैसला पाकिस्तान ने लिया था वो अब वापस ले लिया है और इसे लेकर पाकिस्तान में भी काफ़ी चर्चा है.

पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफ़रीदी ने एक्स पर पोस्ट किया, “क्रिकेट की भावना की जीत हुई है. भागीदारी का रास्ता चुनकर पाकिस्तान की सरकार ने टी-20 वर्ल्ड कप की गरिमा की रक्षा की है. क्रिकेट जीतता है, यानी यह सबसे बड़े मतभेदों को पाटने में अपनी अहम भूमिका निभाता रहेगा.”

वहीं पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ़ ने एक्स पर लिखा, “आईसीसी का पाकिस्तान जाकर दोनों देशों, पाकिस्तान और बांग्लादेश की उठाई गई चिंताओं को समझना और स्वीकार करना, सच्चे नेतृत्व को दर्शाता है. सीधे संवाद और बातचीत के ज़रिए उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप की प्रक्रिया में भरोसा मज़बूत किया है और निष्पक्षता की भावना को कायम रखा है. इसी तरह से क्रिकेट फलता-फूलता है.”

वहीं कुछ पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर इसे ‘पाकिस्तान की जीत’ बता रहे हैं.

जियो न्यूज़ के एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर राशिद लतीफ़ ने कहा, “श्रीलंका के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान को इस फ़ैसले के लिए शुक्रिया कहा. यानी बात खेल से आगे निकल गई थी क्योंकि सरकारें इस मसले पर इनवॉल्व हो रही थीं. बांग्लादेश और हमारे जो दूसरे एसोसिएट क्रिकेट मेंबर हैं उनके हित के लिए पाकिस्तान का ये फ़ैसला ज़रूरी था क्योंकि भारत-पाकिस्तान मैच से जो रेवेन्यू जेनरेट होता है उससे इन सदस्य देशों को भी पैसा मिलता है.”

लतीफ़ ने कहा, “हमने उनके लिए ये किया. पाकिस्तान ने आईसीसी को घुटनों पर ला दिया. इसका असर अगर अभी नहीं तो आगे ज़रूर पड़ेगा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हमारी अहमियत और बढ़ेगी.”

क्रिकेटर अहमद शहज़ाद ने कहा, “हमने बहुत परिपक्व फ़ैसला लिया. बांग्लादेश को इस टूर्नामेंट से जो नुकसान हुआ उसका उन्हें हर्जाना मिलना ज़रूरी था, जो उन्हें मिला. हमने अपने मित्र देशों के लिए भारत के ख़िलाफ़ खेलने का फ़ैसला किया. हम चाहते तो रेवेन्यू शेयरिंग में अपना हिस्सा बढ़ाकर मांग सकते थे लेकिन हमने ऐसा नहीं किया और डिग्निटी को अहमियत दी.”

अहमद शहज़ाद ने कहा, “अब इस मसले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और बात यहीं ख़त्म कर देनी चाहि ए. किसी को ये नहीं कहना चाहिए कि हम जीत गए या वो जीत गए.”

भारत बनाम पाकिस्तान

इमेज स्रोत, Getty Images

यह गेम खेलने के लिए आपको जावास्क्रिप्ट एनेबल वाला एक मॉडर्न ब्राउजर चाहिए

राउंड: 0
स्कोर: 0

क्या आप अपने विरोधी को हरा सकते हैं. तुलना करने के लिए एक स्टैट चुनें.

  • राउंड: 0
    स्कोर: 0

    राउंड: 0
    स्कोर: 0

    0 / 10

    कितना टाइम लिया गया:
    0s

  • राउंड :

  • Source: Cricviz

    वहीं पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर सिकंदर बख़्त ने कहा, “भारत को हमसे इतनी ही दिक़्क़त थी तो वो हमसे मैच खेलने से मना कर देता. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. पाकिस्तान को मैच खेलने के लिए आईसीसी ने मनाया यानी उन्हें पता था कि पाकिस्तान के बिना क्रिकेट चल ही नहीं सकता. हम क्रिकेट के लिए ज़रूरी हैं. हमने ये फ़ैसला लिया तो अपने दोस्त देशों की ख़ातिर. ये बहुत अच्छा फ़ैसला है और इस मामले में हमारी जीत हुई है.”

    ‘क्रेडिट आईसीसी को जाता है’

    राशिद लतीफ़

    वहीं पाकिस्तान के भारत के साथ मैच खेलने के फ़ैसले पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा, “आईसीसी प्रतिनिधि की पहल पर शुरू हुई बातचीत, जिसे आईसीसी चेयरमैन की निगरानी में और लाहौर जाकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से बात करने वाले प्रतिनिधियों ने आगे बढ़ाया, उसके नतीजे देखकर मुझे बेहद खुशी हो रही है. यह एक अच्छा समाधान है. इसके लिए आईसीसी को पूरा श्रेय जाता है. मैं आईसीसी को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उसने यह पहल की और पाकिस्तान को बातचीत की मेज पर लाए.”

    बांग्लादेश के बारे में राजीव शुक्ला ने कहा, “इस बातचीत के ज़रिए बांग्लादेश की भावनाओं का भी सम्मान किया गया है, उनके बोर्ड को भी कुछ राहत मिली है और वे भी खुश हैं. उन्होंने वास्तव में आईसीसी के प्रयासों की सराहना की है.”

    राजीव शुक्ला

    शिवसेना (यूबीटी) की राज्य सभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “बीसीसीआई क्रिकेट की सबसे मज़बूत संस्था है फिर भी वो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) पर निर्भर है. पीसीबी ने फ़ैसला किया किया कि वो मैच खेलेंगे या नहीं. पाकिस्तान इसलिए मैच खेलने को राज़ी हो गया क्योंकि मैच ना खेलने पर उन पर जो पेनल्टी लगती उनके पास वो चुकाने के भी पैसे नहीं रहे होंगे. बीसीसीआई के लिए तो मुनाफ़ा ज़्यादा ज़रूरी है.”

    पूर्व क्रिकेटर अतुल वासन ने कहा, “यह एक तरह का ड्रामा चल रहा है. कभी वे मना कर देते हैं, नाराज़ हो जाते हैं और कभी मान जाते हैं, सब कुछ अपनी संतुष्टि के लिए. अब बांग्लादेश बोर्ड ने अनुरोध किया है और श्रीलंका ने भी, इसलिए अब वे मान रहे हैं. हमने आईसीसी को दिखा दिया है कि भारत का दबदबा कितना है, इसलिए उनके दिमाग में ये सारी गलतफहमियां हैं. इसका कोई इलाज नहीं है.”

    पाकिस्तान ने यूं बदला अपना फ़ैसला

    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी

    इमेज स्रोत, SAJJAD HUSSAIN/AFP via Getty Image

    इससे पहले सोमवार देर रात पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को 15 फ़रवरी को भारत के ख़िलाफ़ टी20 वर्ल्ड कप मैच खेलने की अनुमति दे दी है और कहा है कि यह फ़ैसला मित्र देशों के अनुरोध पर लिया गया है.

    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने शहबाज़ शरीफ़ को पीसीबी, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के प्रतिनिधियों और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के फ़ैसले के बारे में औपचारिक रूप से जानकारी दी.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक सरकार के बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान सरकार ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड द्वारा पीसीबी को किए गए औपचारिक अनुरोधों के साथ-साथ श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य सदस्य देशों से मिले संदेशों के आधार पर ये फ़ैसला किया है.

    श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पाकिस्तान के इस फ़ैसले के लिए आभार जताया. भारत और पाकिस्तान के बीच ये मैच 15 फ़रवरी को कोलंबो में खेला जाएगा.

    इससे पहले सोमवार को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने पाकिस्तान से अपील की कि वो टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाला अपना मैच खेले.

    एक बयान में बीसीबी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन रज़ा नक़वी, पीसीबी और पाकिस्तान के क्रिकेट प्रशंसकों के प्रति हार्दिक आभार जताया.

    इससे पहले एक फ़रवरी को पाकिस्तान ने घोषणा की थी कि उसकी क्रिकेट टीम टी-20 वर्ल्ड कप में 15 फ़रवरी को भारत के ख़िलाफ़ होने वाले मैच का बहिष्कार करेगी.

    पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ एकजुटता का हवाला देते हुए ये फ़ैसला लिया था.

    बांग्लादेश ने सुरक्षा संबंधी कारणों से टी-20 वर्ल्ड कप के मैच भारत में खेलने से इनकार किया था और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से अनुरोध किया था कि उसके मैच श्रीलंका में शिफ़्ट कर दिए जाएं. लेकिन आईसीसी ने उनकी ये मांग अस्वीकार कर दी थी. तब बांग्लादेश के टूर्नामेंट में हटने के बाद उसकी जगह स्कॉटलैंट को दी गई थी.

    भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेज़बानी में टी-20 वर्ल्ड कप सात फ़रवरी से शुरू हो चुका है.

    बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

    SOURCE : BBC NEWS