Source :- LIVE HINDUSTAN
संक्षेप:
बांग्लादेश सरकार को दीपू दास की लिंचिंग के दो महीने बाद उनके परिवार की याद आई है। चुनाव से पहले बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने उनके परिवार के लिए 25 लाख टका की सहायता राशि का ऐलान किया है।
बांग्लादेश सरकार को दीपू दास की लिंचिंग के दो महीने बाद उनके परिवार की याद आई है। चुनाव से पहले बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने उनके परिवार के लिए 25 लाख टका की सहायता राशि का ऐलान किया है। यह राशि दीपू दास के परिवार के लिए घर बनाने के लिए दी गई है। बता दें कि दीपू दास की पिछले साल 18 दिसंबर को मयमनसिंह में भीड़ ने पीटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उनके शव को आग लगा दी गई थी।
क्या हुआ था दीपू दास के साथ
उस समय की रिपोर्टों के अनुसार, भीड़ ने उन पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया। उस पर हमला किया गया, एक पेड़ से बांध दिया गया और आग लगा दी गई। इस घटना को सांप्रदायिक हिंसा के रूप में वर्णित किया गया था। अंतरिम सरकार ने कहा कि दीपू दास अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। साथ ही परिवार के पुनर्वास के लिए लंबी अवधि के आर्थिक समर्थन का आश्वासन सरकार की तरफ से दिया गया है।
तब सरकार ने क्या कहा था
गौरतलब है कि दीपू दास की लिचिंग के बाद 23 दिसंबर को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के वरिष्ठ सलाहकार ने कहा था कि दीपू दास के परिवार की जिम्मेदारी सरकार लेगी। तब शिक्षा सलाहकार सीआर अबरार ने 25 वर्षीय दीपू दास के शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की की। उन्होंने कहा था कि सरकार ने दीपू दास के बच्चे, पत्नी और माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी ले ली है। उन्होंने कपड़ा कारखाने के मजदूर की हत्या को एक क्रूर अपराध बताया था।
बता दें कि बंगलादेश में छात्र नेता और इन्कलाबी मोर्चा के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद वहां भीड़ सड़कों पर उतरी और हिंसक हो गई जिसने हिंदू युवक दीपू दास की पीट-पीट कर हत्या कर दी। वहीं, दीपू दास की लिचिंग के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं के प्रति हिंसा में काफी ज्यादा इजाफा हुआ। इस घटना के बाद कई अन्य हिंदुओं की वहां पर हत्या की गई, जिसका भारत समेत दुनिया भर के अन्य हिस्सों में विरोध किया गया।
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