Source :- LIVE HINDUSTAN
संक्षेप:
नींद में आते ही कही से फिसलकर गिरने जैसा या फिर अचानक झटका कभी न कभी आपको महसूस हुआ होगा। क्या ये कोई बीमारी है या फिर हमारे दिमाग का कोई कनेक्शन। चलिए इस आर्टिकल में पूरी जानकारी आपको देते हैं।
नींद आई और फौरन ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई झटका लगा हो या फिर आप किसी तरह की ऊंचाई से गिर रहे हो। कई बार ऐसा महसूस होता है, जैसे किसी चीज से फिसलकर गिर गए या फिर कोई भूकंप आ गया हो। ऐसा ज्यादातर लोगों ने नींद में महसूस किया होगा और अचानक चौंककर उठ भी गए होंगे। लेकिन क्या ये किसी बड़ी बीमारी का संकेत है या फिर हमारे दिमाग की कोई उपज। रिसर्च के मुताबिक, नींद में झटके महसूस होना या गिरना बच्चों से बूढ़ों तक को होता है लेकिन यंग लोगों में ये ज्यादा होता है। इसे आम भाषा में हाइपनिक जर्क और स्लीप स्टार्ट कहा जाता है। लेकिन अब सवाल है कि आखिर ये क्यों होता है, कही इसके पीछे कोई बड़ी बीमारी का कारण तो नहीं छिपा है। अगर आप भी ऐसे सवालों से घिरे हैं, तो हम आपको रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।
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क्या है हाइपनिक जर्क?
सरल भाषा में नींद में झटके लगने को हाइपनिक जर्क कहा जाता है, जिसे स्लीप स्टार्ट भी कहते हैं। ये इनवॉवलेंटरी मसल कॉन्ट्रैक्शन है, जिसमें मांसपेशियों में झटके आते हैं लेकिन सोते समय। जब हम सोने के लिए जाते हैं, तब दिमाग एक इंटेल प्रॉसेस से गुजरता है औेर इस दौरान शरीर का नर्वस सिस्टम धीरे-धीरे शांत होने लगता है। मांसपेशियां रिलैक्स मोड में चली जाती है और दिमाग की तुलना में शरीर जल्दी आराम वाले जोन में जाता है। ऐसे में दिमाग को महसूस होता है कि शरीर गिर या हिल रहा है। ऐसे में ब्रेन शरीर को बचाने के लिए रिएक्ट करता है और इससे मांसपेशियों को अचानक झटका महसूस होता है और हम लोगों को नींद में झटके या ऊंचाई से गिरना जैसे महसूस होने लगता है।
कई कारण हैं
हाइपनिक जर्क के कुछ कारण और भी हो सकते हैं, जिन्हें आमतौर पर लोग इग्नोर कर देते हैं। ये कारण है थकान, नींद की कमी, ज्यादा स्ट्रेस, सोने से पहले चाय, कॉफी, सोने से पहले एक्सरसाइज करना वगैरह। ज्यादातर मामलों में ये जर्क खतरनाक नहीं होते हैं और आप फिर से सो सकते हैं। लेकिन इनसे बचने के लिए चाय, कॉफी, सिगरेट का सेवन कम कर सकते हैं, सोने से पहले लंबा स्क्रीन टाइम भी खतरनाक साबित हो सकता है।
क्या ये खतरनाक है
हाइपनिक जर्क खतरनाक नहीं है और ना ही ये किसी बीमारी का संकेत है। बल्कि ये आमतौर पर शरीर में होने वाली ब्रेन-नर्वस सिस्टम मूवमेंट्स के कारण होता है। अगर आपको ये कभी-कभार होता है, तो घबराने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है। अगर आपको हाइपनिक जर्क दिन में भी महसूस होते हैं और आप इनके कारण सो नहीं पाते, तो तब डॉक्टर से सलाह लें।
कैसे बचें
हिप्निक जर्क से बचने के लिए खुद को बिल्कुल रिलैक्स करते हुए फिर सोने की कोशिश करें। चॉय-कॉफी ना पिएं और स्क्रीन देखना सोने से एक घंटा पहले ही छोड़ दें। ऐसे में आपके नर्वस सिस्टम के साथ ब्रेन भी रिलैक्स फील करेगा और आप आसानी से सो सकते हैं।
नोट- यह खबर सामान्य जानकारियों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।
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