Source :- LIVE HINDUSTAN
संक्षेप:
लगातार तीन महीनों की भारी बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) फरवरी के पहले सप्ताह में शुद्ध खरीदार बन गए हैं। बेहतर जोखिम धारणा और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के कारण उन्होंने भारतीय इक्विटी में 8,100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
लगातार तीन महीनों की भारी बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) फरवरी के पहले सप्ताह में शुद्ध खरीदार बन गए हैं। बेहतर जोखिम धारणा और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के कारण उन्होंने भारतीय इक्विटी में 8,100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
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डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार यह निवेश हाल के महीनों में हुई लगातार निकासी के बाद आया है। एफपीआई ने जनवरी में 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये निकाले थे।
2025 में हुई थी जमकर निकासी?
एफपीआई ने कुल मिलाकर 2025 में भारतीय इक्विटी से शुद्ध 1.66 लाख करोड़ रुपये निकाले थे। यह निकासी मुद्रा में उतार-चढ़ाव, वैश्विक व्यापार तनाव, अमेरिकी शुल्क की चिंता और इक्विटी के ऊंचे मूल्यांकन के कारण हुई थी। आंकड़ों के मुताबिक एफपीआई ने इस महीने (छह फरवरी तक) 8,129 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के मैनेजर (रिसर्च) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि हालिया खरीदारी जोखिम लेने की बढ़ती क्षमता और भारत के वृद्धि परिदृश्य में नए भरोसे को दर्शाती है।
बाजार की तेजी का दिखा कंपनियों पर असर
शेयर बाजार में शानदार तेजी के रुख के बीच बीते सप्ताह शीर्ष 10 मूल्यवान कंपनियों में आठ का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 4.55 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे अधिक लाभ में रही। बीते सप्ताह बीएसई का सेंसेक्स सूचकांक 2,857.46 अंक यानी 3.53 प्रतिशत उछल गया।
शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर लाभ में रहीं। दूसरी ओर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इंफोसिस के बाजार पूंजीकरण में गिरावट दर्ज की गई।
लाभ में रहने वाली आठ कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 4,55,336.36 करोड़ रुपये बढ़ा। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 1,41,887.97 करोड़ रुपये बढ़कर 19,63,358.79 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)
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