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8वें वेतन आयोग में मिलेंगी ये सुविधाएं! केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खबर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों के संगठनों की मांगें लगातार सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में अखिल भारतीय एनपीएस कर्मचारी संघ ने भी कुछ अहम प्रस्ताव तैयार किए हैं।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों के संगठनों की मांगें लगातार सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में अखिल भारतीय एनपीएस कर्मचारी संघ ने भी कुछ अहम प्रस्ताव तैयार किए हैं। फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत पटेलगुरुवार (12 मार्च 2026) को शिव गोपाल मिश्रा से मुलाकात करने वाले हैं। इस बैठक में वे चाहते हैं कि उनकी प्रमुख मांगों को संयुक्त परामर्श तंत्र की राष्ट्रीय परिषद के साझा मेमोरेंडम में शामिल किया जाए, जिसे जल्द ही 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा।

क्या है मांग

फेडरेशन की सबसे बड़ी मांग यह है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े सभी आदेश केंद्र शासित प्रदेशों (UT) और केंद्रीय स्वायत्त निकायों (CAB) के कर्मचारियों पर भी तुरंत लागू किए जाएं। फिलहाल कई मामलों में ऐसा देखा जाता है कि केंद्र सरकार के आदेश इन कर्मचारियों तक या तो देर से पहुंचते हैं या लागू ही नहीं होते। उदाहरण के तौर पर 2021 का पेंशन आदेश और 2025 की यूनिफाइड पेंशन स्कीम का आदेश अभी तक कई CAB कर्मचारियों पर लागू नहीं हुआ है। संगठन का कहना है कि 8वें वेतन आयोग को इस असमानता को खत्म करना चाहिए।

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी फेडरेशन ने अहम मांग रखी है। संगठन चाहता है कि UT और CAB कर्मचारियों को भी केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना की सुविधा मिले। फिलहाल जिन कर्मचारियों की नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग के जरिए नहीं हुई है, उन्हें CGHS का लाभ नहीं मिलता और उन्हें राज्य या स्थानीय स्वास्थ्य योजनाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। फेडरेशन का कहना है कि कई कर्मचारी नौकरी के दौरान अलग-अलग राज्यों में रहते हैं और रिटायरमेंट के बाद अपने गृह राज्य लौट जाते हैं, ऐसे में उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं मिल पाती। CGHS सुविधा मिलने से उन्हें देशभर में इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

डिटेल में जानिए

फेडरेशन ने केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षकों के लिए छुट्टियों में भी बढ़ोतरी की मांग की है। अभी उन्हें साल में सिर्फ 8 कैजुअल लीव (CL) और 10 अर्न्ड लीव (EL) मिलती हैं, जिसे संगठन बहुत कम मानता है। उनकी मांग है कि 8वें वेतन आयोग के जरिए CL बढ़ाकर 14 और EL को 30 दिन किया जाए, ताकि शिक्षकों को भी अन्य कर्मचारियों की तरह पर्याप्त छुट्टियां मिल सकें।

इसके अलावा संगठन ने पुरुष कर्मचारियों के लिए एक साल की “पैरेंटल केयर लीव” या “फैमिली केयर लीव” की भी मांग की है। अभी महिलाओं को बच्चों की देखभाल के लिए दो साल की चाइल्ड केयर लीव (CCL) मिलती है, लेकिन पुरुष कर्मचारियों के पास परिवार या बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए लंबी छुट्टी का विकल्प नहीं होता। फेडरेशन का कहना है कि गंभीर बीमारी या विशेष परिस्थितियों में पुरुष कर्मचारियों को भी एक साल की छुट्टी मिलनी चाहिए।

इसी के साथ संगठन ने पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को देखते हुए पुरुष कर्मचारियों को 15 दिन की अतिरिक्त छुट्टी देने की भी मांग रखी है। फिलहाल उन्हें 15 दिन की पितृत्व अवकाश (पेटरनिटी लीव) मिलती है, लेकिन परिवार से जुड़े अन्य जरूरी संस्कार या धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए अलग से छुट्टी नहीं मिलती। फेडरेशन चाहता है कि 8वां वेतन आयोग इस पर भी सकारात्मक फैसला ले। फिलहाल आयोग ने कर्मचारियों, पेंशनरों और यूनियनों से वेतन, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े 18 सवालों पर सुझाव मांगे हैं और कई कर्मचारी संगठन अपने-अपने प्रस्ताव भेज रहे हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN