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आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का केंद्रीय कर्मचारी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसमें सैलरी बढ़ोतरी में फिटमेंट फैक्टर बड़ी भूमिका निभाने वाला है। आइए समझते हैं कि कैसे फिटमैंट फॉर्मूले के तहत 6वें और 7वें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ोतरी हुई थी।
8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का केंद्रीय कर्मचारी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वेतन आयोग करीब 18 महीने में सिफारिशें सरकार को सौंपने वाला है। इससे पहले अनुमान लगाए जा रहे हैं कि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी। दरअसल, सैलरी बढ़ोतरी में फिटमेंट फैक्टर बड़ी भूमिका निभाने वाला है। आइए समझते हैं कि कैसे फिटमेंट फॉर्मूले के तहत 6वें और 7वें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ोतरी हुई थी। इसके अलावा, अनुमानित फिटमेंट फॉर्मूले के लागू होने पर केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में कितना इजाफा हो जाएगा।
6वें और 7वें वेतन आयोग की डिटेल
6वें वेतन आयोग की सिफारिशें मार्च 2008 में लागू हुई थीं लेकिन यह एक जनवरी 2006 से प्रभावी हुआ। इसमें एंट्री लेवल पर न्यूनतम सैलरी ₹6600 थी जबकि अधिकतम सैलरी ₹80,000 (कैबिनेट सचिव के लिए ₹90,000) तय किया गया। न्यूनतम और अधिकतम वेतन का अनुपात 1:12 था।
अगर 7वें वेतन आयोग की बात करें तो इसमें बड़ा बदलाव करते हुए पे बैंड और ग्रेड पे सिस्टम खत्म कर दिया गया और पे मैट्रिक्स लागू किया गया। इसमें 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 2.57 गुना बढ़ी। न्यूनतम वेतन ₹18,000 और अधिकतम ₹2,50,000 (कैबिनेट सचिव स्तर) तय हुआ। इसके साथ ही सभी कर्मचारियों के लिए सालाना इंक्रीमेंट 3% निर्धारित की गई। बता दें कि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है।
8वें वेतन आयोग से कितनी बढ़ सकती है सैलरी
बीते साल सरकार ने आठवें वेतन आयोग का गठन किया था। नवंबर 2025 में इसके गठन की अधिसूचना जारी की गई थी। इसकी सिफारिशें लागू होने में करीब 18 महीने लग सकते हैं लेकिन यह एक जनवरी 2026 से प्रभावी हो सकता है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर 3.0 से 3.25 के बीच रखा जाए। यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
फिटमेंट फैक्टर कैसे तय होता है
फिटमेंट फैक्टर पिछली वेतन आयोग की बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता (DA), सालाना इंक्रीमेंट, ग्रोथ फैक्टर, फैमिली यूनिट्स वगैरह पर आधारित होता है। ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन के नेशनल प्रेसिडेंट मनजीत सिंह पटेल ने ईटी को बताया कि अगर मौजूदा डीए 58% है और 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने तक डीए में 12% की बढ़ोतरी होती है तो यह 70% तक पहुंच जाएगा।
पटेल के मुताबिक सरकार ग्रोथ फैक्टर की गणना करती है, जो पिछली बार 24% था। फिटमेंट फैक्टर की गणना करते समय, वेतन आयोग फैमिली यूनिट्स पर भी विचार करता है, जो पिछली बार 3 थीं और इस बार हम 5 की सिफारिश किया जा सकता है। अगर आयोग 5 फैमिली यूनिट्स पर विचार करता है तो 66% की और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
एक उदाहरण से समझें
आठवें वेतन आयोग में अगर फिटमेंट फैक्टर 3 रखा जाता है तो लेवल 1 कर्मचारी की सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 54,000 रुपये हो जाएगी। इस तरह, लेवल 1 कर्मचारी की सैलरी में 36 हजार रुपये का इजाफा होगा। वहीं, लेवल 18 वाले केंद्रीय कर्मचारी की सैलरी ₹2,50,000 से बढ़कर ₹7,50,000 लाख हो सकती है। इसी तरह, जिस हिसाब का फिटमेंट फैक्टर होगा उसी तरह से सैलरी में उछाल आएगा।
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