Source :- LIVE HINDUSTAN
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में साफ किया है कि जिस घरेलू कंपनी से ऑर्डर मिला है, उसमें प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप की कोई हिस्सेदारी नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यह कोई रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन नहीं है।
Shaily Engineering Plastics Ltd Share: ₹8,921 करोड़ के मार्केट कैप वाली शैलि इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स लिमिटेड के शेयर गुरुवार, 26 फरवरी को बाजार में चर्चा में रह सकते हैं। कंपनी ने बाजार बंद होने के बाद जानकारी दी कि उसे एक बड़ी घरेलू फार्मा कंपनी से चार साल के लिए पेन इंजेक्टर सप्लाई करने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस ऑर्डर की कुल वैल्यू करीब ₹423 करोड़ बताई गई है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा ऑर्डर माना जा रहा है। हालांकि गोपनीयता समझौते के कारण ग्राहक का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। कंपनी के शेयर आज बुधवार को 1,941.50 रुपये पर बंद हुए हैं।
कंपनी ने क्या कहा
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में साफ किया है कि जिस घरेलू कंपनी से ऑर्डर मिला है, उसमें प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप की कोई हिस्सेदारी नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यह कोई रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन नहीं है। यानी यह पूरी तरह से स्वतंत्र और पारदर्शी सौदा है। ऐसे बड़े ऑर्डर से आने वाले सालों में कंपनी की आय और ऑर्डर बुक दोनों को मजबूती मिल सकती है।
दिसंबर तिमाही के नतीजे
हाल ही में कंपनी अपने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों को लेकर भी सुर्खियों में रही। तीसरी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹37 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹25 करोड़ था। हालांकि सितंबर तिमाही के मुकाबले मुनाफे में करीब 27% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹250 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर ₹198 करोड़ से बेहतर है, लेकिन पिछली तिमाही के ₹257 करोड़ से थोड़ा कम है।
कंपनी का हेल्थकेयर डिवीजन, जो मेडिकल डिवाइसेज की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग करता है और कुल रेवेन्यू में 40% से ज्यादा योगदान देता है, उसमें जबरदस्त 139% सालाना ग्रोथ दर्ज की गई। इस सेगमेंट से आय बढ़कर ₹104.3 करोड़ हो गई। EBITDA 43% बढ़कर ₹66.4 करोड़ पहुंचा और मार्जिन 310 बेसिस प्वाइंट सुधरकर 26.5% हो गया। यह संकेत देता है कि कंपनी ऑपरेशनल लेवल पर बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
कंपनी का कारोबार
अगर बिजनेस प्रोफाइल की बात करें तो कंपनी कस्टमाइज्ड प्लास्टिक कंपोनेंट्स बनाती है और इसके ग्राहक हेल्थकेयर, कंज्यूमर, पर्सनल केयर, ऑटोमोबाइल, अप्लायंसेज और लाइटिंग जैसे कई सेक्टर में फैले हैं। कुल रेवेन्यू का करीब 85% हिस्सा कंज्यूमर सेगमेंट से आता है, जिसमें होम फर्निशिंग, पर्सनल केयर, स्टील फर्नीचर और खिलौने शामिल हैं। बाकी आय हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल सेगमेंट से होती है।
शेयरों के हाल
शेयर के प्रदर्शन की बात करें तो इस साल की शुरुआत से ही स्टॉक दबाव में है। जनवरी में शेयर करीब 15% गिरा, जबकि दिसंबर में इसमें 13% की कमजोरी आई थी। मौजूदा भाव ₹1,941 के आसपास है, जो अपने रिकॉर्ड हाई ₹2,799 से करीब 31% नीचे है। हालांकि लंबी अवधि में देखें तो पिछले तीन साल में शेयर करीब 789% और पांच साल में 360% तक चढ़ चुका है। ऐसे में अब निवेशकों की नजर इस नए ₹423 करोड़ के ऑर्डर पर रहेगी कि क्या यह स्टॉक को फिर से रफ्तार दिला पाता है।
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