Home विश्व समाचार 7 दिन में ढह गए ईरान के ‘पावर पिलर’, इजरायल ने बासिज...

7 दिन में ढह गए ईरान के ‘पावर पिलर’, इजरायल ने बासिज फोर्स के चीफ को भी मार गिराया

17
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

इजरायल के अनुसार, अहमदी ने इस साल की शुरुआत में ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों को कुचलने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। मानवाधिकार समूहों का दावा है कि उस दमनकारी कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए थे।

इजरायल की डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने शुक्रवार को घोषणा की है कि तेहरान के केंद्र में किए गए एक पहले के हवाई हमले में ‘बासिज’ इकाई के खुफिया निदेशालय के प्रमुख इस्माइल अहमदी को सफलतापूर्वक मार गिराया गया है। यह वही हमला था जिसमें बासिज के शीर्ष कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी भी मारे गए थे।

इजरायल के अनुसार, अहमदी ने इस साल की शुरुआत में ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों को कुचलने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। मानवाधिकार समूहों का दावा है कि उस दमनकारी कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए थे। अहमदी का मारा जाना ईरानी प्रशासन की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया पकड़ के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

एक सप्ताह में ढह गए ईरान के ‘पावर पिलर’

इजरायल की रणनीति अब स्पष्ट रूप से ईरानी सत्ता की पकड़ को कमजोर करने के लिए उसके शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाने की है। केवल एक सप्ताह के भीतर ईरान ने अपने बड़े स्तंभों को खो दिया है। आपको बता दें कि अब तक ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी, खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब, आईआरजीसी प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी और खुफिया मंत्रालय के प्रमुख कमांडर मेहदी रुस्तमी शमस्तान की मौत हो चुकी है।

‘बासिज’ और IRGC पर चौतरफा हमला

IDF ने शुक्रवार को यह भी कहा कि उन्होंने मेहदी रुस्तमी शमस्तान को भी मार गिराया है, जिसे ईरानी खुफिया मंत्रालय का एक ‘प्रमुख कमांडर’ बताया गया है। इसके साथ ही IRGC के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत ने ईरान के संचार और सैन्य समन्वय तंत्र को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि इन टारगेट हमलों के माध्यम से इजरायल दो लक्ष्यों पर काम कर रहा है। कमांड और कंट्रोल को नष्ट करने के साथ-साथ सत्ता की पकड़ को कमजोर करना चाहता है। बासिज जैसे बलों को निशाना बनाकर इजरायल ईरानी अधिकारियों की आम जनता पर पकड़ को कमजोर करना चाहता है।

ईरान के लिए यह हफ्ता उसके आधुनिक इतिहास का सबसे काला हफ्ता साबित हो रहा है। एक के बाद एक शीर्ष नेतृत्व का मारा जाना यह दर्शाता है कि इजरायल की खुफिया पहुंच तेहरान के सबसे सुरक्षित गलियारों तक हो चुकी है। अब दुनिया की नजरें नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई के अगले कदम पर हैं।

अहमदी रिफाइनरी दोबारा धधकी

कुवैत ने बताया कि दो ड्रोन हमले से रिफाइनरी में आग लग गई। रिफाइनरी से रोजाना 7.30 लाख बैरल तेल का उत्पादन होता है। गुरुवार को भी ईरान ने इस रिफाइनरी पर हमला बोला था जिसमें तेल संयंत्र को भारी क्षति हुई थी। मालूम हो कि गुरुवार को हुए हमले के बाद से ही रिफाइनरी का संचालन बंद कर दिया गया है। ईरान ने सऊदी के तेल संपन्न पूर्वी क्षेत्र को ड्रोन हमला किया जिसे नाकाम कर दिया गया।

धमाके से दहला गया दुबई

ईरान ने शुक्रवार को दुबई को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागीं। शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए जब पूरा शहर तैयारियों में जुटा था तब हुए धमाके से पूरा शहर कांप गया। हमले के बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। मौके पर पहुंचे राहत और बचाव दल ने स्थिति पर काबू पाया।

बहरीन में गोदाम जलकर खाक

ईरान ने बहरीन में गोदाम को निशाना बनाकर बम बरसाया। हमले में गोदाम में आग लग गई। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि ईरानी हमले में गोदाम को भारी क्षति पहुंची है। घटना के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हो गया है।

जंग में 2300 से अधिक मौतें

अमेरिका- इजरायल और ईरान जंग के दौरान अबतक कुल 2326 लोग मारे गए हैं। ईरान में 1300 जबकि लेबनान में एक हजार लोग मारे गए हैं। वहीं इजरायल में 15 और अमेरिकी सेना के 13 सैनिक मारे गए हैं। इजरायली सेना का दावा है कि उसने अब तक हिज्बुल्ला के 500 लड़ाकों को मार गिराया है। जंग के चलते ईरान में दस हजार से अधिक लोग घायल हैं, वहीं इजरायल में दो हजार से अधिक लोग घायल हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN