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40% गिर गई चांदी, अब 75% चढ़ेगा भाव? क्या कहते हैं एक्सपर्ट- समझें

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Source :- LIVE HINDUSTAN

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अमेरिकी डॉलर कमजोर पड़ता है, ब्याज दरों में कटौती तेज होती है और वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है, तभी चांदी में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है।

MCX Silver Price: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की रफ्तार जनवरी के आखिर में अचानक थम गई थी। अपने ऑल टाइम हाई ₹4,20,000 प्रति किलो से फिसलकर कीमतें करीब 40% नीचे आ चुकी हैं और फिलहाल ₹2,40,000 के आसपास कारोबार कर रही हैं। जानकारों का कहना है कि इस रिकॉर्ड स्तर को फिर से छूने के लिए चांदी को मौजूदा भाव से करीब 70–75% की छलांग लगानी होगी, जो आसान काम नहीं है। खासकर तब, जब पिछले साल ही चांदी करीब 170% उछल चुकी थी और कई विशेषज्ञ मानते हैं कि उस समय कीमतें बुनियादी कारकों से आगे निकल गई थीं।

क्या है डिटेल

हालांकि, लंबी अवधि में चांदी के पक्ष में कुछ मजबूत वजहें अभी भी मौजूद हैं। कई सालों से सप्लाई में कमी बनी हुई है, जबकि सोलर पीवी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टरों से इंडस्ट्रियल डिमांड लगातार बनी हुई है। इसके अलावा फिजिकल और ETF निवेश में भी दिलचस्पी देखी जा रही है। लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि सिर्फ इन वजहों के दम पर 2026 में ₹4,20,000 का स्तर पार करना तभी संभव होगा जब वैश्विक स्तर पर कई सकारात्मक फैक्टर एक साथ काम करें।

एनालिस्ट की राय

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अमेरिकी डॉलर कमजोर पड़ता है, ब्याज दरों में कटौती तेज होती है और वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है, तभी चांदी में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व सख्त रुख अपनाता है या डॉलर मजबूत रहता है, तो सोना-चांदी जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स पर दबाव बन सकता है। हाल ही में आई तेज गिरावट भी यही दिखाती है कि सट्टेबाजी के दम पर हुई तेजी में उतनी ही तेजी से करेक्शन भी आ सकता है।

ऐसे माहौल में निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। जो लोग पहले से चांदी में निवेश किए हुए हैं, वे लंबी अवधि के लिए एक सीमित हिस्सेदारी बनाए रख सकते हैं, लेकिन इस साल फिर से पराबोलिक तेजी की उम्मीद में ज्यादा एक्सपोजर लेना जोखिम भरा हो सकता है। नए निवेशकों को सलाह है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव शांत होने और ट्रेंड साफ होने का इंतजार करें। कुल मिलाकर, चांदी में कहानी अभी खत्म नहीं हुई है, लेकिन रिकॉर्ड हाई की राह आसान भी नहीं दिख रही।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN