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25 साल का रिश्ता खत्म! माइक्रोसॉफ्ट के शेयर बेच अब दुनिया बदलने निकले बिल गेट्स, दुनिया को दिया बड़ा संदेश

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Source :- LIVE HINDUSTAN

बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के अपने आखिरी 77 लाख शेयर बेच दिए हैं, जिनकी कीमत करीब 3.2 अरब डॉलर थी। इसके साथ ही 25 साल पुराना माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और गेट्स फाउंडेशन का वित्तीय रिश्ता पूरी तरह खत्म हो गया। 

दुनिया के सबसे बड़े टेक दिग्गजों में गिने जाने वाले बिल गेट्स और उनकी चैरिटी संस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। करीब 25 साल बाद अब बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (Bill & Melinda Gates Foundation) का माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) से सीधा वित्तीय रिश्ता पूरी तरह खत्म हो गया है। फाउंडेशन ने 2026 की पहली तिमाही में माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के अपने आखिरी 77 लाख शेयर बेच दिए, जिनकी कीमत लगभग 3.2 अरब डॉलर यानी करीब 26 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह कदम इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) कभी इस फाउंडेशन की सबसे बड़ी निवेश होल्डिंग हुआ करती थी।

दरअसल, बिल गेट्स (Bill Gates) ने 1975 में पाउल एलेन (Paul Allen) के साथ मिलकर माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) की शुरुआत की थी, बाद में जब उन्होंने चैरिटी पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया, तो उन्होंने अपनी बड़ी हिस्सेदारी बिल एंड मिलिंडा गेट्स (Bill & Melinda Gates Foundation) को दान कर दी। इसके बाद कई सालों तक माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के शेयर इस फाउंडेशन की ताकत बने रहे। इतना ही नहीं, दुनिया के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट (Warren Buffett) ने भी बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) के जरिए फाउंडेशन को भारी योगदान दिया।

एक समय ऐसा था, जब फाउंडेशन के कुल निवेश पोर्टफोलियो में माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) की हिस्सेदारी करीब 27 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। लेकिन, पिछले कुछ सालों में फाउंडेशन ने धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी कम करनी शुरू कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 की तीसरी तिमाही में सबसे बड़ी बिकवाली हुई थी, जब करीब 65 प्रतिशत शेयर बेच दिए गए थे। अब 2026 में बची हुई आखिरी हिस्सेदारी भी बेच दी गई है।

इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह बिल गेट्स (Bill Gates) की नई योजना मानी जा रही है। उन्होंने पहले ही ऐलान किया था कि फाउंडेशन हमेशा के लिए नहीं चलेगा, बल्कि 2045 तक अपनी पूरी संपत्ति समाजसेवा और चैरिटी में खर्च कर दी जाएगी, यानी आने वाले सालों में फाउंडेशन तेजी से दान और सामाजिक परियोजनाओं पर पैसा खर्च करेगा। सिर्फ इस साल ही फाउंडेशन करीब 9 अरब डॉलर की ग्रांट बांटने की तैयारी में है।

हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) से फाउंडेशन का रिश्ता खत्म हो गया है, लेकिन कंपनी की ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत मानी जा रही है। खासकर AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) तेजी से आगे बढ़ रही है। एज्योर क्लाउड (Azure Cloud) और ओपेनएआई (OpenAI) के साथ साझेदारी को लेकर निवेशकों का भरोसा अभी भी कायम है। यही वजह है कि अरबपति निवेशक बिल ऐकमैन (Bill Ackman) की कंपनी पर्शिंग स्क्वॉयर (Pershing Square) ने हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) में करीब 2.3 अरब डॉलर का नया निवेश किया है।

दिलचस्प बात यह भी रही कि जिस दिन गेट्स फाउंडेशन (Gates Foundation) ने अपने आखिरी शेयर बेचने की जानकारी दी, उसी दिन माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के शेयर थोड़े कमजोर बंद हुए। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय में कंपनी की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है।

अब गेट्स फाउंडेशन (Gates Foundation) के पास करीब 31.7 अरब डॉलर का निवेश पोर्टफोलियो बचा है। माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) से बाहर निकलने के बाद यह साफ हो गया है कि फाउंडेशन अब अपनी रणनीति बदल रहा है और आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी और वैश्विक विकास जैसे क्षेत्रों में तेजी से फंड खर्च करेगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN