Source :- LIVE HINDUSTAN
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने ग्राहकों को सलाह दी है कि उबाल आते ही आंच धीमी करें ताकि LPG की भारी बचत हो सके। कंपनी ने कहा कि उबाल के बाद तेज आंच रखने से खाना जल्दी नहीं पकता, सिर्फ गैस ज्यादा खर्च होती है। धीमी आंच अपनाकर 25% तक LPG बचाएं, बिना अतिरिक्त समय गंवाए।
LPG crisis: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण एलपीजी सिलेंडर को लेकर संकट बढ़ने लगा है। सरकार की ओर से लगातार यह कहा जा रहा है कि सिलेंडर पर किसी तरह का संकट नहीं है। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने LPG गैस बचत के आसान टिप्स साझा किए हैं। आइए डिटेल जान लेते हैं।
कैसे कर सकेंगे बचत?
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने ग्राहकों को सलाह दी है कि उबाल आते ही आंच धीमी करें ताकि LPG की भारी बचत हो सके। कंपनी ने कहा कि उबाल के बाद तेज आंच रखने से खाना जल्दी नहीं पकता, सिर्फ गैस ज्यादा खर्च होती है। धीमी आंच अपनाकर 25% तक LPG बचाएं, बिना अतिरिक्त समय गंवाए।
कंपनी के मुताबिक एलपीजी बचत के लिए आप अपने प्रेशर कुकर का भरपूर उपयोग करें। इससे खाना पकाने का समय कम होता है और एलपीजी की काफी बचत होती है। सेपरेटर का उपयोग करके आप चावल, दाल और सब्जियां एक साथ पका सकते हैं, जिससे आपकी रसोई अधिक कुशल और ऊर्जा-कुशल बनेगी। इंडियन ऑयल के ये टिप्स इसलिए अहम हैं क्योंकि वर्तमान में मध्य पूर्व में तनाव के कारण वैश्विक LPG आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे भारत में घरेलू और कॉमर्शियल गैस की कमी की आशंका बढ़ गई है। होटल-रेस्तरां जैसे कॉमर्शियल सेक्टर में दिक्कतें आ रही हैं।
सरकार का सदन में बयान
एलपीजी संकट पर सरकार ने सदन में पूरी बात बताई है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल और केरोसिन की कोई कमी नहीं है, एलपीजी उत्पादन में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और सरकार की प्राथमिकता है कि देश में करोड़ों परिवारों की रसोई में खाना पकाने के लिए गैस की कमी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर अफवाह नहीं फैलाई जानी चाहिए। उन्होंने देश में एलपीजी सिलेंडर की कमी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा, ”पिछले पांच दिन में एलपीजी उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़ा है। मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीबों और वंचितों की रसोई को (एलपीजी की) किसी कमी का सामना नहीं करना पड़े।”
बुकिंग पर क्या बोले?
पुरी ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर के मांग प्रबंधन उपाय के तौर पर शहरों में 25 दिन के न्यूनतम अंतराल पर बुकिंग की जा सकती है, वहीं ग्रामीण तथा दुर्गम क्षेत्रों में 45 दिन के बाद सिलेंडर की बुकिंग की जा सकती है। पुरी ने कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से डिलीवरी का मानक समय ढाई दिन बना हुआ है जो बदला नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों में निर्बाध आपूर्ति प्राथमिकता के साथ की जा रही है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक एलपीजी को पूरी तरह विनियमित तरीके से बेचा जा रहा है जो बाजार मूल्य पर उपलब्ध है।
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