Home व्यापार समाचार 18% गिर गया सोने के दाम, अब आगे आएगी और बड़ी गिरावट,...

18% गिर गया सोने के दाम, अब आगे आएगी और बड़ी गिरावट, क्या है एक्सपर्ट की राय

9
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

संक्षेप:

Gold Price Today: सोने की कीमतों में पिछले कुछ सत्रों से तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) के चलते MCX गोल्ड अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट अपने पीक से करीब 18% नीचे आ चुके हैं।

Gold Price Today: सोने की कीमतों में पिछले कुछ सत्रों से तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) के चलते MCX गोल्ड अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट अपने पीक से करीब 18% नीचे आ चुके हैं। इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है कि कहीं कीमतों में और बड़ी करेक्शन तो नहीं आ सकती। हालांकि, ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबी अवधि का ट्रेंड अभी भी मजबूत है और सोने में तेज गिरावट की संभावना कम है।

क्या है वजह

दरअसल, ग्लोबल स्तर पर अनिश्चितताएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। जियोपॉलिटिकल तनाव, जियोइकोनॉमिक रिस्क, अमेरिका के फेडरल रिजर्व की संभावित रेट कट उम्मीदें और सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीद सोने को सपोर्ट दे रही हैं। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने लगातार 15वें महीने सोना खरीदा है और जनवरी में अपने भंडार में 40,000 ट्रॉय औंस की बढ़ोतरी की। यह दिखाता है कि तेज रैली के बावजूद केंद्रीय बैंकों का भरोसा सोने पर बना हुआ है।

एनालिस्ट की राय

कोटक सिक्योरिटीज के अनिंद्य बनर्जी का कहना है कि वे लॉन्ग टर्म में गोल्ड पर बुलिश हैं, लेकिन यह वन-वे ट्रेड नहीं है। तेज रैली के बाद 10% तक की शॉर्ट टर्म करेक्शन आम बात है। उनके मुताबिक अगर MCX गोल्ड 1.4 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास आता है तो यह करीब 10% की टेक्निकल गिरावट होगी, जो संभव है। हालांकि डॉलर टर्म में सोने का बड़ा ट्रेंड अभी भी ऊपर की ओर है और ऐसी गिरावट चक्रीय होगी, स्ट्रक्चरल नहीं।

क्या है टारगेट

इंडसइंड सिक्योरिटीज के जिगर त्रिवेदी और SMC ग्लोबल की वंदना भारती भी मानती हैं कि अंडरटोन पॉजिटिव है। फिलहाल MCX गोल्ड 1.57–1.58 लाख रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है। 1.40–1.45 लाख का जोन मजबूत डिमांड एरिया माना जा रहा है, जहां बड़े निवेशक खरीदारी करते दिखे हैं। जनवरी 2026 में गोल्ड ETF में 24,039 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जो दिसंबर के मुकाबले दोगुने से ज्यादा है। इससे साफ है कि रिटेल निवेशकों की डिमांड भी मजबूत बनी हुई है।

एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि 1.45–1.48 लाख रुपये के आसपास गिरावट आए तो इसे लंबी अवधि के लिए खरीदारी का मौका समझना चाहिए। जब तक इक्विटी में जोरदार ब्रेकआउट, डॉलर इंडेक्स में 105–106 से ऊपर तेज उछाल और वैश्विक तनाव में ठोस कमी नहीं आती, तब तक सोने में बड़ी गिरावट मुश्किल दिखती है। ऐसे में 1.48 लाख सपोर्ट और 1.60 लाख रेजिस्टेंस के बीच कंसोलिडेशन की संभावना है। निवेशकों के लिए सलाह है, घबराकर बेचने के बजाय गिरावट में धीरे-धीरे जमा करना ज्यादा समझदारी हो सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN