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17% तक चढ़ गया यह शेयर, कंपनी को मिला है बड़ा ऑर्डर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और हेवी फैब्रिकेशन स्ट्रक्चर के कारोबार से जुड़ी एटमास्टको लिमिटेड के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कंपनी के शेयर 17 फीसदी से ज्यादा उछल गए।

Atmastco Limited Share: डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और हेवी फैब्रिकेशन स्ट्रक्चर के कारोबार से जुड़ी एटमास्टको लिमिटेड के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कंपनी के शेयर 17 फीसदी से ज्यादा उछल गए। एनएसई पर यह शेयर करीब 12 फीसदी की बढ़त के साथ 156.95 रुपये पर कारोबार करता नजर आया, जबकि इसका पिछला बंद भाव 140.65 रुपये था। करीब 388 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस कंपनी ने भले ही पिछले एक साल में निवेशकों को 26 फीसदी से ज्यादा का निगेटिव रिटर्न दिया हो, लेकिन बीते एक महीने में शेयर लगभग 12 फीसदी चढ़ चुका है। ताजा ऑर्डर की खबर से बाजार में फिर से भरोसा लौटा है।

क्या है डिटेल

कंपनी को यह बड़ी कामयाबी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) से मिली है। एनएसई को दी गई जानकारी के मुताबिक, एटमास्टको को 235 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) मिला है। यह ऑर्डर भिलाई स्टील प्लांट के प्लेट मिल में 140 TPH क्षमता वाली वॉकिंग बीम टाइप रीहीटिंग फर्नेस की स्थापना से जुड़ा है। यह प्रोजेक्ट प्लांट की उत्पादन क्षमता, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और ऊर्जा बचत को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। SAIL इस समय आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार की दिशा में काम कर रही है और यह प्रोजेक्ट उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

औपचारिक समझौते के बाद एटमास्टको इस प्रोजेक्ट पर डिटेल इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, सप्लाई, एरेक्शन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम शुरू करेगी। कंपनी को उम्मीद है कि यह ऑर्डर उसकी ऑर्डर बुक को मजबूत करेगा और आने वाले समय में रेवेन्यू विजिबिलिटी बढ़ाएगा। इससे पहले 24 जनवरी को कंपनी ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका की मौजूदगी में अपने अत्याधुनिक डिफेंस यूनिट ‘एटमास्टको डिफेंस सिस्टम्स’ (ADS) का उद्घाटन किया था। यह यूनिट बुलेटप्रूफ जैकेट और बैलिस्टिक हेलमेट के निर्माण पर केंद्रित है, जिससे कंपनी की डिफेंस सेक्टर में मौजूदगी और मजबूत हुई है।

मिला था DRDO से जरूरी लाइसेंस

बता दें कि कंपनी ने साल 2019 में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में एंट्री की थी और DRDO से जरूरी लाइसेंस हासिल किए थे। इससे पहले एटमास्टको का मुख्य फोकस इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग, स्ट्रक्चरल स्टील फैब्रिकेशन और EPC/टर्नकी प्रोजेक्ट्स पर रहा है। कंपनी के पास भिलाई में दो आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं और सालाना 49,500 मीट्रिक टन की उत्पादन क्षमता है। 780 से ज्यादा प्रोफेशनल्स की टीम के साथ कंपनी ने वेदांता HZL, टाटा स्टील, अदाणी, जिंदल स्टेनलेस, NMDC, NTPC, L&T, JSW और BHEL जैसी बड़ी कंपनियों के लिए प्रोजेक्ट पूरे किए हैं।

कंपनी की वित्तीय हालात

हालांकि, वित्तीय मोर्चे पर तस्वीर थोड़ी मिश्रित रही है। एच1 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 13 फीसदी घटकर 139 करोड़ रुपये से 121 करोड़ रुपये पर आ गया। वहीं, नेट प्रॉफिट भी 14 करोड़ रुपये से घटकर 11 करोड़ रुपये रह गया, जो 21 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्शाता है। बावजूद इसके, मैनेजमेंट को भरोसा है कि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ते निवेश और कैपिटल-इंटेंसिव प्रोजेक्ट्स में बढ़ती मांग से FY26 में राजस्व और मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है। समय पर प्रोजेक्ट पूरा करना, लागत पर नियंत्रण और बेहतर वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट कंपनी की रणनीति का अहम हिस्सा रहेगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN