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17 की उम्र… और राजघराने से जुड़ा नाम, कौन थी वर्जीनिया गिफ्रे जिसने हिला दी एंड्रयू की दुनिया?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

राजा चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू को गुरुवार को ब्रिटेन में सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के संदेह में गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी जेफरी एपस्टीन से उनके संबंधों की चल रही जांच के बीच हुई है। एंड्रयू पर वर्जीनिया रॉबर्ट्स गिफ्रे ने आरोप लगाया था।

राजा चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू को गुरुवार को ब्रिटेन में सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के संदेह में गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी जेफरी एपस्टीन से उनके संबंधों की चल रही जांच के बीच हुई है। एंड्रयू पर वर्जीनिया रॉबर्ट्स गिफ्रे ने आरोप लगाया था, जो यौन तस्करी की एक अमेरिकी-ऑस्ट्रेलियाई कार्यकर्ता थीं। वर्जीनिया रॉबर्ट्स गिफ्रे जेफरी एपस्टीन के यौन शोषण और मानव तस्करी मामले की सबसे प्रमुख पीड़िताओं और अभियोगकर्ताओं में से एक थीं। उन्होंने एपस्टीन, घिसलेन मैक्सवेल और ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू पर गंभीर आरोप लगाए थे। कथित तौर पर उसे 17 वर्ष की उम्र में प्रिंस एंड्रयू के लिए यौन तस्करी का शिकार बनाया गया था।

एपस्टीन मामले में उनकी प्रमुख भूमिका

गिफ्रे एपस्टीन और घिसलेन मैक्सवेल पर आरोप लगाने वाली सबसे मुखर महिलाओं में से एक थीं। उन्होंने दावा किया कि किशोरावस्था में उन्हें बहला-फुसलाकर यौन शोषण किया गया और शक्तिशाली पुरुषों (खासकर प्रिंस एंड्रयू) को सौंप दिया गया। 2001 में (17 वर्ष की उम्र में) उन्हें लंदन, न्यूयॉर्क और एपस्टीन के कैरेबियन द्वीप पर प्रिंस एंड्रयू के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया, ऐसा उनका आरोप था। आरोप-प्रत्यारोप के बीच एक तस्वीर वायरल हुई जिसमें प्रिंस एंड्रयू उनकी कमर में हाथ डाले खड़े थे और मैक्सवेल बगल में थीं। हालांकि 2022 में प्रिंस एंड्रयू ने कोर्ट के बाहर समझौता किया, एपस्टीन से संबंध के लिए खेद जताया लेकिन कोई दायित्व नहीं माना।

बचपन में ही हुआ यौन शोषण

वर्जीनिया रॉबर्ट्स का जन्म 9 अगस्त 1983 को सैक्रामेंटो, कैलिफोर्निया में हुआ। फ्लोरिडा में पली-बढ़ीं। उन्होंने बताया कि बचपन में पारिवारिक परिचित द्वारा यौन शोषण हुआ। किशोरावस्था में सड़कों पर रहीं, फिर मार-ए-लागो रिसॉर्ट में नौकरी मिली। 2000 में 16 साल की उम्र में घिसलेन मैक्सवेल से मुलाकात हुई, जिन्होंने मसाज थेरेपिस्ट बनने के बहाने उन्हें एपस्टीन के पास भेजा। जल्द ही यह यौन शोषण में बदल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एपस्टीन और मैक्सवेल ने उन्हें प्रभावशाली लोगों के बीच ‘फलों की थाली’ की तरह घुमाया। 1999-2002 तक वे एपस्टीन के नेटवर्क में रहीं। अदालती दस्तावेजों में दावा था कि उन्हें राजनेताओं और नेताओं को ‘बेचा’ गया।

कोर्ट की लड़ाई और लाइफ

2011 में उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी पहचान उजागर की। उन्होंने Speak Out, Act, Reclaim (SOAR) नामक संस्था बनाई, जो मानव तस्करी पीड़ितों की मदद करती है। 2002 में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई रॉबर्ट गिफ्रे से शादी की, ऑस्ट्रेलिया चली गईं और तीन बच्चों की मां बनीं। बाद में वैवाहिक विवाद और घरेलू हिंसा के आरोप लगे। हालांकि उनके पति ने इन आरोपों से नकार दिया।

और 2025 में दुखद अंत

अप्रैल 2025 में 41 वर्ष की उम्र में वर्जीनिया गिफ्रे ने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के अपने फार्म में आत्महत्या कर ली। परिवार ने उन्हें ‘दृढ़ योद्ध’ बताया था। उनकी मौत के बाद अक्टूबर 2025 में उनकी संस्मरण पुस्तक Nobody’s Girl posthumously प्रकाशित हुई, जिसमें एपस्टीन मामले के नए विवरण हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN