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डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच संकट को व्यापार और टैरिफ के जरिए सुलझाने का भी जिक्र किया, जिससे बड़ा युद्ध टला। ट्रंप ने जोर दिया कि उनकी मजबूत सैन्य नीति से दुनिया में शांति बनी रहती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपनी विदेश नीति और सैन्य शक्ति पर विस्तार से बात की है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पुराने युद्धपोतों की जगह बड़े बैटलशिप्स के इस्तेमाल करने का सुझाव दिया था, जो बड़े गोले दागते हैं, महंगे 3 मिलियन डॉलर के रॉकेट्स की बजाय। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका अब 10 ऐसे बैटलशिप्स बना रहा है, जो पुराने युद्धपोतों से 100 गुना अधिक शक्तिशाली हैं। उनका उद्देश्य है कि इनकी मौजूदगी से दुश्मन खेल नहीं खेल सकेंगे, क्योंकि इनका डर ही काफी होगा। ट्रंप ने खुद को शांतिवादी बताते हुए कहा कि उन्होंने 8 युद्ध समाप्त किए हैं और यूरोप के लिए यह सब कर रहे हैं, क्योंकि महासागर के कारण अमेरिका को सीधा खतरा कम है। उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संकट को व्यापार और टैरिफ के जरिए सुलझाने का भी जिक्र किया, जिससे बड़ा युद्ध टला। ट्रंप ने जोर दिया कि उनकी मजबूत सैन्य नीति से दुनिया में शांति बनी रहती है।
वेनेजुएला के संदर्भ में ट्रंप ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ का उल्लेख किया, जिसमें जनवरी 2026 में अमेरिकी सेना ने एक सटीक छापेमारी में तानाशाह निकोलस मादुरो को पकड़ लिया। उन्होंने इसे 18 मिनट की शुद्ध हिंसा बताया और कहा कि अब वेनेजुएला की नई राष्ट्रपति के साथ मिलकर काम हो रहा है, जो अमेरिका के साथ सहयोग कर रही हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर सहयोग न हो तो स्थिति बदल सकती है। इस ऑपरेशन के बाद वेनेजुएला से तेल निकालना बढ़ गया है और देश अब पहले से ज्यादा कमाई कर रहा है। अमेरिका ने वेनेजुएला की नई सरकार को औपचारिक रूप से मान्यता दी है और सोने व अन्य खनिजों के लिए ऐतिहासिक गोल्ड डील पर हस्ताक्षर किए हैं। ट्रंप ने क्यूबा के साथ भी बातचीत की उम्मीद जताई, जहां जल्द बड़ा बदलाव आ सकता है और आसानी से समझौता हो सकता है।
ईरान के 42 नौसैनिक जहाजों को किया नष्ट
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई को बहुत सफल बताया। उन्होंने दावा किया कि तीन दिनों में अमेरिकी सेना ने ईरान के 42 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया, जिसमें कुछ बड़े जहाज शामिल थे। ईरान की नौसेना पूरी तरह खत्म हो गई है, वायुसेना और संचार व्यवस्था भी नष्ट हो चुकी है। ट्रंप ने मिडनाइट हैमर नामक बी-2 हमले का जिक्र किया, जिससे ईरान परमाणु हथियार बनाने से सिर्फ आठ महीने दूर था, लेकिन अमेरिका ने दुनिया को बड़ा उपकार किया। उन्होंने ईरान को बुरे लोग बताया और कहा कि यह कार्रवाई जरूरी थी, क्योंकि परमाणु खतरा बहुत करीब था। ट्रंप का कहना है कि अब ईरान की स्थिति बहुत खराब है और वे संचार के तरीके ढूंढ रहे हैं, लेकिन सफल नहीं हो रहे।
राष्ट्रपति ट्रंप की ये टिप्पणियां उनकी ‘शक्ति से शांति’ की नीति को दर्शाती हैं, जहां मजबूत सैन्य तैयारी से दुश्मनों को रोका जाता है। उन्होंने बैटलशिप्स, वेनेजुएला में मादुरो की गिरफ्तारी और ईरान पर हमलों को अपनी सफलताओं के रूप में पेश किया। ये बयान अमेरिका की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने और यूरोप, लैटिन अमेरिका व मध्य-पूर्व में स्थिरता लाने के प्रयासों को दर्शाते हैं। ट्रंप ने बार-बार दोहराया कि उनकी नीतियां युद्ध रोकती हैं और व्यापार व सैन्य शक्ति से समस्याओं का हल निकालती हैं। कुल मिलाकर, ये बयान उनकी आक्रामक लेकिन निर्णायक विदेश नीति की झलक दिखाते हैं।
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