Home खेल समाचार 10 साल के शतरंज खिलाड़ी आरित कपिल ने रचा इतिहास, ऐसा करने...

10 साल के शतरंज खिलाड़ी आरित कपिल ने रचा इतिहास, ऐसा करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बने

18
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

Aarit Kapil International Master Norm: 10 साल के शतरंज खिलाड़ी आरित कपिल ने इतिहास रच डाला है। वह अंतरराष्ट्रीय मास्टर नार्म हासिल करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बन गए हैं।

दिल्ली के 10 वर्षीय आरित कपिल स्पेन के मेनोरका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता के अंतिम दौर में ऑस्ट्रेलिया के सैमुअल असाका के साथ ड्रॉ खेलकर अंतरराष्ट्रीय मास्टर (आईएम) नॉर्म हासिल करने वाले भारत के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महज 10 वर्ष सात महीने की उम्र में इस उपलब्धि को हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया। आरित ने प्रतियोगिता की शुरुआत शानदार तरीके से करते हुए दूसरे दौर में कजाखस्तान के पूर्व विश्व अंडर-20 चैंपियन और ग्रैंडमास्टर नोगरबेक काजीबेक को हराया। दिल्ली के इस खिलाड़ी के लिए पिछले साल अंडर-11 राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीतना उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।

लगातार दो हार से मुश्किल में था सपना

आरित वर्तमान में 2015 में जन्मे खिलाड़ियों की विश्व रैंकिंग में दूसरे नंबर पर हैं। इस प्रतियोगिता में आरित का सबसे यादगार प्रदर्शन अर्जेंटीना के 12 वर्षीय अंतरराष्ट्रीय मास्टर ओरो फॉस्टिनो के खिलाफ रहा, जिन्हें ‘शतरंज की दुनिया का मेसी’ कहा जाता है। इस मुकाबले में आरित ने संयम दिखाते हुए ड्रॉ हासिल किया और वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। आरित को अंतिम तीन मुकाबलों में केवल आधा अंक चाहिए था, लेकिन लगातार दो हार के बाद उनका पहला आईएम नॉर्म हासिल करने का सपना मुश्किल में पड़ता नजर आया। उन्होंने हालांकि अंतिम दौर में खुद को संभाला और तेजी से सही चालें चलते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया।

शिविका महिला अंतरराष्ट्रीय मास्टर बनीं

वहीं, भारत की शिविका रोहिल्ला बुडापेस्ट में संपन्न पहले सैटरडे शतरंज टूर्नामेंट के अंतिम दौर में क्रोएशिया के अंतरराष्ट्रीय मास्टर रुडोल्फ सेर्टिक के खिलाफ ड्रॉ खेलकर महिला अंतरराष्ट्रीय मास्टर बन गईं। वर्ष 2023 में अपना पहला नॉर्म हासिल करने वाली शिविका पिछले 10 टूर्नामेंट में अंतिम नॉर्म हासिल करने में करीब पहुंचीं थी लेकिन उन्होंने मौके गंवा दिए। इस बार टूर्नामेंट की शुरुआत में बड़ी जीत की बदौलत उन्होंने आत्मविश्वास हासिल किया और अंतिम चरण में लड़खड़ाने के बावजूद दिल्ली की यह खिलाड़ी अंतिम नॉर्म हासिल करने में सफल रहीं।

अब महिला ग्रैंडमास्टर बनने पर टिकी नजरें

शिविका ने नौ बाजियों में 4.5 अंक जुटाए जिससे उन्हें रेटिंग में भी फायदा हुआ। उन्होंने महिला अंतरराष्ट्रीय मास्टर्स के लिए जरूरी रेटिंग अंक 2025 में पोलैंड में टूर्नामेंट में बाद हासिल कर लिए थे। इस 18 वर्षीय खिलाड़ी की नजरें अब महिला ग्रैंडमास्टर बनने पर टिकी हैं। शिविका ने पीटीआई से कहा, ”इस टूर्नामेंट में मैं अपना पहला महिला ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल करने के काफी करीब थी लेकिन मेरा ध्यान अधिकतर महिला अंतरराष्ट्रीय मास्टर पर था और मुझे लगता है कि मनोविज्ञान ने भी अपनी भूमिका निभाई, लेकिन अब मुझे यकीन है कि मैं भविष्य को एक नए नजरिए से देख सकती हूं और मुझे उम्मीद है कि मैं अपना महिला ग्रैंडमास्टर टाइटल पूरा कर पाऊंगी।”

SOURCE : LIVE HINDUSTAN