Source :- LIVE HINDUSTAN
Morgan Stanley Sensex Target: ट्रंप टैरिफ के झटकों के बाद अब युद्ध की आग में झुलस रहे शेयर मार्केट के लिए एक उम्मीद भरी खबर है। मॉर्गन स्टैनली की रिपोर्ट कहती है कि सेंसेक्स 1 लाख के पार जा सकता है।
Morgan Stanley Sensex Target: घरेलू शेयर मार्केट का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स दिसंबर 2026 तक 10000 अंक के पार पहुंच सकता है। ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि यह ग्लोबल इन्वेस्ट बैंक मॉर्गन स्टैनली की नई रिपोर्ट कह रही है। बता दें इस साल सेंसेक्स 10 प्रतिशत यानी 8556 अंक लुढ़का है। जबकि, पिछले एक महीने में इसमें 1574 अंकों की गिरावट हुई है। एक दिसंबर 2025 को सेंसेक्स ऑल टाइम हाई 86159 पर था। ऐसे में यह रिपोर्ट भारतीय शेयर मार्केट के निवेशकों के लिए बड़ी खबर है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इसकी संभावना केवल 20% ही जताई जा रही है और इस सिनारियो में सेंसेक्स 1 लाख से आगे बढ़कर 1.1 लाख अंक तक जा सकता है। वहीं सेंसेक्स के 95000 के लेवल तक पहुंचने की करीब 50% संभावना है। हालांकि, अगर हालात खराब रहे तो बेयर केस यानी गिरावट के केस में सेंसेक्स 76,000 के आसपास ही रह सकता है।
भारतीय शेयर बाजार में अभी भी तेजी की संभावना
यह रिपोर्ट संकेत देती है कि भारतीय शेयर बाजार में अभी भी तेजी की संभावना बनी हुई है।हालांकि, यह पूरी तरह सुनिश्चित नहीं है। बाजार में तीन संभावनाएं हैं। मजबूत तेजी (95000–1.1 लाख), सामान्य स्थिति (95000 के आसपास) और कमजोर स्थिति (76000 के आसपास) यानी मौके हैं, लेकिन जोखिम भी है।
क्यों बढ़ सकता है बाजार?
मॉर्गन स्टैनली रिपोर्ट के अनुसार, मार्केट में तेजी के पीछे कई मजबूत कारण हैं। भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर बनी हुई है और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट में सुधार की उम्मीद है। इसके साथ ही महंगाई और विकास का संतुलन बेहतर रहने की संभावना है। घरेलू डिमांड मजबूत रहने, ग्लोबल ग्रोथ स्थिर रहने और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहने जैसे फैक्टर बाजार को सपोर्ट कर सकते हैं।
कमाई बनेगी सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन
इस तेजी का सबसे बड़ा आधार कंपनियों की कमाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सेंसेक्स कंपनियों की कमाई FY28 तक हर साल करीब 17% की दर से बढ़ सकती है। अगर कंपनियों की कमाई बढ़ती है, तो शेयर बाजार की वैल्यू भी बढ़ती है। यही इस बुल रन का मुख्य आधार है।
मौजूदा स्तर से करीब 24% की बढ़त
अगर सेंसेक्स 95,000 के स्तर तक पहुंचता है, तो यह मौजूदा स्तर से करीब 24% की बढ़त होगी। यानी निवेशकों को मध्यम अवधि में अच्छा रिटर्न मिल सकता है, बशर्ते बाजार के पक्ष में परिस्थितियां बनी रहें। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बाजार में पैसा (Liquidity) बना रहेगा और रिटेल निवेशकों की भागीदारी मजबूत रहेगी। जब बाजार में खरीदारी ज्यादा और सप्लाई कम होती है, तो कीमतें ऊपर जाती हैं, और यही ट्रेंड आगे भी जारी रह सकता है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
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