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₹15 से अचानक ₹10887 पर पहुंचा था शेयर, सिर्फ 18 महीने में खेल, अब सेबी का एक्शन

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Source :- LIVE HINDUSTAN

सेबी ने RRP सेमीकंडक्टर से जुड़े 30 से ज्यादा लोगों को प्रतिबंधित कर दिया है।  सेबी की जांच के मुताबिक RRP सेमीकंडक्टर शेयर की कीमत अप्रैल 2024 में 15 रुपये से बढ़कर अक्टूबर 2025 तक 10,887.10 रुपये हो गई जो 19 महीनों में लगभग 725 गुना ग्रोथ को दिखाता है।

मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनी- RRP सेमीकंडक्टर से जुड़े 30 से ज्यादा लोगों को प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी की ओर से यह कार्रवाई कंपनी के शेयर की कीमत और ट्रेडिंग गतिविधियों में आए अचानक बदलाव की शुरुआती जांच के बाद की गई है। बाजार नियामक की समीक्षा में पाया गया कि शेयर की कीमत में हेरफेर की गई थी।

क्या निकला जांच में?

सेबी की जांच के मुताबिक RRP सेमीकंडक्टर शेयर की कीमत अप्रैल 2024 में 15 रुपये से बढ़कर अक्टूबर 2025 तक 10,887.10 रुपये हो गई जो 19 महीनों में लगभग 725 गुना ग्रोथ को दिखाता है। इस दौरान, कंपनी ने अपनी पिछली पहचान G D ट्रेडिंग एंड एजेंसी लिमिटेड से बदलकर एक सेमीकंडक्टर-केंद्रित बिजनेस का रूप ले लिया और लगभग 1.35 करोड़ शेयरों का प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट किया। इन शेयरों की कीमत 12 रुपये प्रति शेयर थी। इस अलॉटमेंट के बाद प्रमोटरों की शेयरहोल्डिंग घटकर 1.28 प्रतिशत रह गई जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़कर 98.72 प्रतिशत हो गई।

सेबी के अनुसार राजेंद्र कमलाकांत चोडनकर सबसे बड़े प्रेफरेंशियल अलॉटी थे। उन्हें 1.01 करोड़ शेयर अलॉट किए गए थे, जो बढ़ी हुई शेयर पूंजी का लगभग 74.5 प्रतिशत था। वहीं, कंपनी की ओर से जो जानकारी दी गई उसके अनुसार उन्हें एक पब्लिक शेयरहोल्डर के तौर पर वर्गीकृत किया गया था। जांच से पता चलता है कि उन्होंने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट में कई निवेशकों को शामिल किया था।

सेबी ने यह भी पाया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड के विश्लेषण से चोडनकर और कई अलॉटी के बीच संबंध सामने आए और इन संस्थाओं में से कुछ के बीच कुछ फंड ट्रांसफर भी देखे गए। आदेश में आगे यह भी दर्ज है कि चोडनकर ने बढ़ी हुई पूंजी का 24.96 प्रतिशत तक हासिल करने के लिए एक ओपन ऑफर की घोषणा की थी, जो अब भी लंबित है। उन्हें अप्रैल 2024 में एक अतिरिक्त नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में भी नियुक्त किया गया था और बाद में जुलाई 2024 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

सेबी ने उन कुछ संस्थाओं से कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से कमाए गए लगभग 2 करोड़ रुपये के मुनाफे को जब्त करने का भी आदेश दिया है। इसमें मल्टीप्लायर शेयर एंड स्टॉक एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े 59.47 लाख रुपये, पेस स्टॉक ब्रोकिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े 1.26 करोड़ रुपये और नियो एपेक्स वेंचर LLP से जुड़े 14.66 लाख रुपये शामिल हैं।

वहीं, संबंधित संस्थाओं के बैंक और डीमैट खातों से डेबिट पर तब तक रोक लगा दी गई है जब तक कि जब्ती के निर्देशों का पालन नहीं हो जाता। रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंटों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि वे सेबी की अनुमति के बिना, इन संस्थाओं के पास मौजूद म्यूचुअल फंड यूनिट्स सहित किसी भी सिक्योरिटी के ट्रांसफर या रिडेम्पशन की अनुमति न दें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN