Source :- LIVE HINDUSTAN
INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दासानी के मुताबिक कंपनी ने पिछले एक साल में बैलेंस शीट सुधारने, कर्ज कम करने और ऑपरेशनल सफाई पर खास ध्यान दिया है। लंबे समय तक वित्तीय दबाव झेलने के बाद अब कंपनी की हालत बेहतर होती दिख रही है।
PC Jeweller Ltd Share: पीसी ज्वैलर लिमिटेड का शेयर सुस्त पड़े शेयर बाजार के बीच भी चमक दिखा रहा है। जहां साल 2026 में अब तक BSE सेंसेक्स करीब 3.16% गिर चुका है, वहीं पीसी ज्वेलर लगभग 8% रिटर्न देकर बाजार से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। हालांकि हाल के दिनों में यह मल्टीबैगर पेनी स्टॉक एक दायरे में ही ट्रेड करता दिखा, लेकिन लंबी अवधि में इसने निवेशकों को जबरदस्त फायदा दिया है। पिछले पांच साल में शेयर करीब 235% उछल चुका है। बता दें कि कंपनी के शेयर आज बुधवार को 10.06 रुपये के भाव पर हैं।
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तेजी पूरे ज्वेलरी सेक्टर की वजह से नहीं, बल्कि कंपनी की रिकवरी स्टोरी से जुड़ी है। INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दासानी के मुताबिक कंपनी ने पिछले एक साल में बैलेंस शीट सुधारने, कर्ज कम करने और ऑपरेशनल सफाई पर खास ध्यान दिया है। लंबे समय तक वित्तीय दबाव झेलने के बाद अब कंपनी की हालत बेहतर होती दिख रही है।
तीसरी तिमाही के नतीजे
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) के बिजनेस अपडेट में कंपनी ने मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का मुनाफा यानी PAT 28% बढ़कर ₹187 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹146 करोड़ था। वहीं स्टैंडअलोन रेवेन्यू 37% बढ़कर ₹875 करोड़ पहुंच गया, जो पहले ₹639 करोड़ था। त्योहार और शादी सीजन की मजबूत मांग ने बिक्री को सहारा दिया। कंपनी ने निवेशकों को यह भरोसा भी दिलाया है कि वह जल्द ही कर्ज मुक्त हो सकती है, जिससे शेयर में खरीदारी बढ़ी है।
सोने की कीमतों में तेजी
एक और बड़ा फैक्टर सोने की कीमतों में तेजी है। पिछले साल गोल्ड प्राइस में करीब 70% की उछाल आई थी और इस साल भी अब तक करीब 20% की बढ़त है। इससे ज्वेलरी की मांग का माहौल सकारात्मक बना है, हालांकि इस बिजनेस में मार्जिन वर्किंग कैपिटल और इन्वेंट्री लागत पर काफी निर्भर करते हैं। दासानी का कहना है कि निवेशकों को कैश फ्लो की निरंतरता, कर्ज में असली कमी और ऑडिटर की संतुष्टि जैसे संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।
टेक्निकल नजरिए से लक्ष्मीश्री इन्वेस्टमेंट के रिसर्च हेड अंशुल जैन का कहना है कि मासिक चार्ट पर शेयर ने 10.5 रुपये के बड़े ब्रेकआउट लेवल को दोबारा टेस्ट किया है और पिछले चार महीनों से इसी सपोर्ट के ऊपर कंसोलिडेशन कर रहा है। कम वॉल्यूम यह इशारा देता है कि बिकवाली का दबाव घट रहा है। अगर यह बेस इसी तरह मजबूत होता रहा तो आगे अगली तेजी की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि यह अभी पूरी तरह स्थायी ग्रोथ की कहानी नहीं, बल्कि रिकवरी फेज है, इसलिए निवेश सोच-समझकर और जोखिम क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए।
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